नई दिल्ली: कोरोना के देश में बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर लॉकडाउन की अवधि को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है. ऐसे में सबकुछ देश में एक बार फिर ठप्प पड़ चुका है, लेकिन मेडिकल, फूड स्टोर्स व फलों की दुकानें खुली रहेंगी. सरकार द्वारा जारी नए निर्देश में किसानों को भी छूट दी गई है. क्योंकि लॉकडाउन के मद्देनजर किसानों को खेती से जुड़े हर मोर्चे पर नुकसान झेलना पड़ रहा था. इस लिहाज से सरकार ने किसानों व किसानी को भी छूट के दायरे में रखा है. Also Read - रिलीज से पहले ही सुर्खियों में आई निरहुआ की नई फिल्म 'फसल', बिना अन्न के इस अन्नदाता की दर्दनाक कहानी

नए निर्देश के अनुसार किसान जुताई और बुवाई के लिए खेती से जुड़ी मशीनों को एक राज्य से दूसरे राज्य ले सकते हैं. इन मशीनों के अलावा पशु चिकित्सालयों को भी खोलने की अनुमति दे दी गई है. फसलों की उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने के लिए इससे जुड़ी एजेंसियों को भी छूट के दायरे में रखा गया है. यही नहीं फसल मंडियों को समित द्वारा संचालित करने की अनुमति दी गई है. Also Read - बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा बोले- पंजाब में किसानों का नहीं, बिचौलियों का आंदोलन है

नए नियम के अनुसार किसानों को अब खेतों में काम करने की छूट मिल गई है. साथ ही कटाई बुनाई के लिए लोगों को साथ मिलकर भी खेतों में फसलों की कटाई अब की जा सकेगी. साथ ही किसानों को अपने फसलों को मंडियों में बेचने की भी अनुमति दी गई है. किसानों को खेती के मशीन मुहैया कराने वाले सेंटर्स भी अब अपने काम को सुचारु ढंग से चला सकते हैं. कीटनाशकों व खादों की पैकेजिंग में लगी कंपनियों व यूनिट्स को छूट दी गई है ताकि किसानों तक सही समय पर इन्हें पहुंचाया जा सके. साथ ही खेती से जुड़ी मशीनों के रिपेयरिंग के दुकान या सर्विस सेंटर्स भी खुली रहेंगी. Also Read - Kisan Credit Card: क्या आपके पास है किसान क्रेडिट कार्ड, जल्दी करें आवेदन, एक साथ मिलेंगे कई फायदे