Lockdown 2.0: लॉकडाउन के चलते लोगों को घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी है. केवल जरूरत के चीजों की दुकानें खुलने की अनुमति है. लगभग सभी राज्यों में शराब की दुकानों के खुलने और बिकने पर पाबंदी है. ऐसे में शराब पीने वालों का इतना बुरा हाल है कि वो तस्करों को मुंहमांगी कीमत दे रहे हैं. Also Read - नॉन हॉट स्पॉट क्षेत्रों में खुल सकेंगी सैलून और ब्यूटी पॉर्लर की दुकानें, जानें किन पर रहेगा प्रतिबंध

आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतर्राज्जीय स्तर पर शराब की तस्करी बढ़ी है. हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी पुलिस ने इन तस्करों को दबोचने के लिए जब ताबड़तोड़ छापे मारे, तब खुलासा हुआ कि लॉकडाउन के दौरान शराब की खेप पकड़े जाने पर तस्कर पुलिस वालों की जान लेने पर तक उतर आ रहे हैं. Also Read - लॉकडाउन के बीच आधी रात में आया बड़ा फैसला- आज से खुलेंगी ये दुकानें, शर्तें लागू

पीछा करती पुलिस के वाहनों में अपने वाहन सीधे-सीधे ठोंक दे रहे हैं. कई जगह भागते वक्त तस्करों ने पुलिस बैरिकेट्स ही तोड़ डाले. जबकि शराब तस्करों ने पूछताछ के दौरान पुलिस से कबूला कि वे, लॉकडाउन के दौरान शराबत तस्करी में मौजूद जोखिम का ‘डबल-रेट’ मजबूरी में वसूल रहे हैं. Also Read - Lockdown खुलने पर दिल्ली मेट्रो में बदल जाएंगे कई नियम, पहले की तरह नहीं मिलेगी एंट्री, जानें क्या करना अनिवार्य

शराब का रेट

इतना ही नहीं देश की राजधानी में जब इन शराब तस्करों पर शिकंजा कसा गया और वे जाल में फंसे तो उन्होंने कई सनसनीखेज खुलासे भी किये. मसलन 100 रुपये वाली बीयर की बोतल 400-500 रुपये में बेची-खरीदी जा रही है. विदेशी स्कॉच 2500 वाली 4 से पांच हजार रुपये तक में है. कमोबेश यही आलम भारत में निर्मित विदेशी ब्रांडेड शराब का है. इस शराब की 1000 रुपये के आसपास वाली कीमत की शराब की एक बोतल 2-3 हजार तक में बिक रही है.

शराब तस्करों से हुई पूछताछ के दौरान पता चला कि, लॉकडाउन में शराब की बिक्री पूरी तरह बंद होते ही, उसकी डिमांड बेतहाशा बढ़ गयी है. सरकारी दुकान वालों का स्टॉक लॉकडाउन से ठीक पहले आधिकारिक रुप से ‘क्लोज’ कर दिया गया. ऐसे में शराब कारोबार से जुड़े कुछ लोगों की चांदी आ गई. लॉकडाउन लागू होने की भनक लगते ही शराब के धंधे से जुड़े तमाम लोगों ने बहुतायत में स्टॉक ‘दायें-बायें’ कर लिया. जिसकी अब लॉकडाउन में मनमानी कीमत वसूली जा रही है.

इसी तरह ज्यादा डिमांड में रहने वाली बैलेंटीन की 1350 एमआरपी वाली बोतल 3000 रुपये में बेची जा रही है तो जॉनी वॉकर रेड लेबल की 1350 रुपये की बोतल 3000 और शिवाज रीगल तथा जानी वॉकर ब्लैक लेबल की 2880 वाली बोतल अधिक डिमांड के कारण 8000 रुपये में बेची जा रही है.

यही हालत रेड लेबल जैसे मशहूर ब्रांड की है. बाजर में इसकी कीमत 1450 के आसपास है. मगर लॉकडाउन में इसकी कीमत 2500 से 3000 हजार तक जा पहुंची है. इसी तरह का हाल 150 रुपये वाली छोटी बोतल का है. वैसे सब कुछ खरीदने बेचने वाले के बीच सौदे पर निर्भर कर रहा है मगर यह भी 300-400 तक के रेट पर बिकने की खबरें सुनी जा रही हैं.

दिल्ली का हाल

दो तीन दिन पहले ही दिल्ली पुलिस और दिल्ली के आबकारी विभाग की टीमों ने पंजाबी बाग में एक बीयर बार/रेस्तरां पर छापा मारा. यहां छत पर ही मयखाना खोल लिया गया था. बिना इसकी परवाह किये कि, लॉकडाउन की कितनी अहमियत है? यहां विदेशी शराब थोक के भाव में पकड़ी गयी. छानबीन में पता चला कि, 1500 रुपये के आसपास की एक बोतल खोलकर बेचे जाने के बदले 4 से 5 हजार रुपये की कमाई की जा रही थी.

क्या कहती है पुलिस

जब चारों तरफ लॉकडाउन के दौरान सन्नाटा है फिर भी आखिर शराब की तस्करी और उपलब्धता संभव कैसे हो पा रही है? पूछे जाने पर दिल्ली के पश्चिमी परिक्षेत्र की संयुक्त पुलिस आयुक्त शालिनी सिंह ने आईएएनएस से कहा, मेरे अधिकार क्षेत्र में द्वारका, पश्चिचमी और बाहरी दिल्ली जिले हैं. तीनों ही जिले पड़ोसी राज्य की सीमा से जुड़े हैं. दिल्ली में शराब मिल पाना और उसकी बिक्री हो पाना इस सख्ती में बेहद मुश्किल हो रहा है. यही वजह है कि, द्वारका जिले के थाना बाबा हरिदास नगर में सबसे ज्यादा अवैध शराब और तस्कर पकड़े गये हैं. क्योंकि इस थाने की सीमा पड़ोसी राज्य की सीमा से जुड़ी है.

शालिनी सिंह ने आगे कहा, शराब दरअसल पड़ोसी राज्यों से लाने की कोशिशें बदस्तूर जारी हैं. यही वजह है कि बार्डर पर चैकिंग में ही शराब पकड़ ली जा रही है. इसीलिए वह शहर में नहीं आ पाती है. दिल्ली के अंदरुनी इलाकों में जो शराब तस्कर पकड़े गये, वे थोड़ी बहुत शराब से ज्यादा मुनाफा करने की सोचते हैं. पहले शराब तस्कर माल छोड़कर भाग जाते थे, अब वो सीधे सीधे पुलिस वालों पर ही कातिलाना हमला कर रहे हैं.

कैसे काम कर रहे हैं तस्कर

लॉकडाउन के दौरान तस्करों ने तस्करी के नये-नये फार्मूले ईजाद कर लिये हैं. दिल्ली में कुछ समय पहले साइकिल सवार एक शराब तस्कर को तब पकड़ा जब वो, कुकिंग गैस डिलीवरीमैन बनकर जा रहा था. पड़ताल की तो मालूम चला कि, घरेलू गैस सिलेंडर नीचे से काटकर उसके अंदर शराब भर रखी थी. एक शख्स ने लॉकडाउन के दौरान शराब की बोतलों के ऊपर पालक और नीचे आलू-टिमाटर धनिया भर लिया था. कुछ बिस्कुट के पैकेट भी थे. नई दिल्ली जिले में एक शराब तस्कर दूध के ड्रम्स में शराब ले जाता पकड़ा गया.

(एजेंसी से इनपुट)