नई दिल्ली: लॉकडाउन के चौथे चरण के दिशानिर्देशों में सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप से जुड़े नियम को सरल बना दिया है. सरकार ने इस ऐप को डाउनलोड करने की अनिवार्यता खत्म करके इसे वैकल्पिक कर दिया है. आरोग्य सेतु ऐप को कोरोना वायरस संक्रमण की निगरानी के लिए विकसित किया गया है.Also Read - Delhi Liquor Shops Closed: दिल्ली में 47 दिन तक नहीं मिलेगी शराब, 1 अक्टूबर से बंद रहेंगी ये दुकानें

गृह मंत्रालय के रविवार को जारी नए दिशानिर्देशों में सरकार ने ऐप के फायदों पर विशेष जोर दिया है. सरकार ने कहा कि यह ऐप कोरोना वायरस के संभावित जोखिम का पहले से पता लगाने में मदद करता है. यह व्यक्तियों और समाज के सुरक्षा कवच की तरह है. Also Read - Dekho Hamari Delhi: दिल्ली में कहां-कहां हैं घूमने की जगह? शहर के पर्यटन स्थलों की जानकारी देगा केजरीवाल सरकार का ऐप

नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, ‘‘कार्यालयों और कार्यस्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियोक्ताओं को सभी कर्मचारियों के मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप को डलवाना सुनिश्चित करने के प्रयास करने चाहिए.’’ जबकि इससे पहले एक मई को जारी दिशानिर्देशों में सरकार ने सभी कर्मचारियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड करना अनिवार्य बताया था. Also Read - Coronavirus cases In India: 3 लाख से कम हुए कोरोना के एक्टिव मामले, 24 घंटे में 26,041 लोग हुए संक्रमित

रविवार को जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक जिला प्रशासन के पास यह अधिकार होगा कि वह किसी व्यक्ति को यह ऐप डालने के लिए परामर्श दे सकता है. साथ ही नियमित आधार पर उसके स्वास्थ्य की निगरानी रख सकता है.

गृह मंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइंस में कई तरह के बड़े बदलाव किए गए है. लॉकडाउन के चौथे चरण में केंद्र सरकार की भूमिका कम रहेगी और अब राज्य सरकारें अपनी सुविधा के अनुसार निर्णय ले सकेंगी लेकिन उन्हें सीधे तौर पर इसकी जानकारी केंद्र को देना आवश्यक होगा.