Unlock 1.0 in India: कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते देश में लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) और उसके बाद अनलॉक 1 के बाद भी महामारी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में सोशल मीडिया पर लॉकडाउन की एंट्री की खबरें सामने आ रही हैं. हालांकि, खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश में लॉकडाउन के दोबारा लागू होने की खबरों को अफवाह बताया है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बातचीत की और देश के मौजूदा हालातों को देखते हुए अनलॉक 2.0 (Unlock 2.0) के बारे में विचार करने की बात कही. PM मोदी ने आर्थिक गतिविधियों को दिशा देने के साथ ही अनलॉक 2.0 की तैयारियों में जुटने की बात कही है. उन्होंने कहा, हमें आर्थिक गतिविधितयों को खोलने के साथ नुकसान को कम से कम करने के बारे में विचार करना होगा. Also Read - कोरोना: महाराष्ट्र के इस जिले में 10 से 18 जुलाई तक लागू होगा सख्त लॉकडाउन, जानें डिटेल

Unlock 2.0 के दौरान जारी रहें ये सुविधाएं?
– देश में अब जब अनलॉकिंग का चरण जारी है तो लॉकडाउन के बारे में उड़ रही अफवाहों को नजरअंदाज करना होगा.
– अनलॉक 2.0 में देश में जारी प्रतिबंध में और भी कमी लाई जा सकती है. आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए सभी राज्य सरकारें निर्माण-संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती हैं.
– कोरोना वायरस पर नियंत्रण के लिए COVID-19 संक्रमितों से संपर्क में आए लोगों को ट्रेस करने और उनके आईसोलेशन पर जोर दिया जा सकता है. ताकि, महामारी को कंट्रोल किया जा सके.
– राज्यों को वायरस से निपटने की क्षमता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे, सूचना प्रणाली, भावनात्मक समर्थन और सार्वजनिक भागीदारी पर जोर देना जारी रखा जाए, इस पर सरकार पूरा जोर दे रही है. Also Read - ENG vs PAK: खिलाड़ियों के बल्‍ले पर ‘लोगो’ के लिए भी PCB नहीं जुटा पाया स्‍पांसर, उठने लगे सवाल

– यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसे संकट में समय पर लोगों की सहायता के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर “असहाय नहीं बल्कि सहायक” हों.
– अनलॉक 2.0 के दौरान भी और इसके बाद भी लोगों को अपनी और अपनों की सुरक्षा के लिए वर्तमान में जारी मास्क पहनने, सेनेटाइजेशन और अन्य स्वच्छता संबंधी बातों का ध्यान रखना होगा. इसके लिए सरकार को वर्तमान में जारी सूचना सेवाओं को आगे भी जारी रखना चाहिए.
– जिन राज्यों में कोरोना के रिकवरी आंकड़े अच्छे हैं, उन्हें दूसरे राज्यों से भी इसके बारे में जानकारी शेयर करना चाहिए. ताकि, अन्य राज्य भी मरीजों के इलाज के दौरान इनका ध्यान रख सकें. Also Read - भारत में कोविड-19 जांचों की संख्या एक करोड़ के पार, चीन से बहुत पीछे