नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना महामारी के मामलों में काफी इजाफा हो चुका है. ऐसे में महामारी के फैलाव को देखते हुए दिल्ली में तत्काल लॉकडाउन लगाए जाने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. इस याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए सवाल किया है कि क्या लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प है? हाईकोर्ट ने कहा कि लॉकडाउन से संबंधित निर्दश नितिगत फैसले के तहत आते हैं, जो कि संबंधित संस्थाए ही ले सकती हैं.Also Read - उत्तर कोरिया में रहस्यमयी बुखार से 42 लोगों की मौत, 8 लाख से अधिक लोग बीमार

दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस प्रतीक जालान की बेंच ने तत्काल लॉकडाउन वाली याचिका को अनावश्यक व आधी-अधूरी बताया और कहा कि बिना किसी तैयारी के इस याचिका को कोर्ट में दायर किया गया है. कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए इसपर जुर्माना भी लगा दिया. Also Read - मैरिटल रेप अपराध है या नहीं? दिल्ली हाई कोर्ट के जजों ने कही अलग-अलग बात, अब SC जाएंगी बेडरूम की बातें..

दिल्ली सरकार के वकील गौतम नारायण ने हाईकोर्ट की बेंच को सूचित किया कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष निर्देश जारी कर कहा है कि उसकी इजाजत के बगैर लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा. गौतम ने कहा कि केंद्र सरकार को याचिकाकर्ता के मामले में पक्षकार बनना होगा. क्योंकि केंद्र सरकार की सहमति के बगैर दिल्ली में दिल्ली सरकार लॉकडाउन नहीं लगा सकती है. Also Read - चीन में कोरोना की दहशत, लॉकडाउन के बीच टेस्टिंग तेज | Watch Video