Lockdown Latest News: देश में कोरोना की दूसरी लहर पर धीरे-धीरे काबू पाया जा रहा है. कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद ज्यादातर राज्यों ने लॉकडाउन (Lockdown Update) जैसी पाबंदियों में ढील का ऐलान किया है. कोरोना के मामलों में कमी के साथ साथ-साथ वैक्सीनेशन अभियान भी जोर शोर से जारी है. देश में फिलहाल कोविशील्ड, कौवैक्सीन और स्पुतनिक V वैक्सीन दी जा रही है. उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही कुछ और वैक्सीन इस अभियान को और तेजी देंगे. इन सबके बीच विशेषज्ञों ने Unlcok पर चिंता जाहिर की है. विशेषज्ञों को कोरोना की तीसरी लहर का डर सता रहा है और इस वजह से ही वह दिसंबर 2021 तक लॉकडाउन जैसी पाबंदियों के पक्ष में हैं.Also Read - Atal Bimit Vyakti Kalyan Scheme: बेरोजगारों को सरकार ने 3 महीने तक दिया पैसा, कोरोना काल में गई नौकरी तो 30 दिनों के अंदर करें दावा

14 जून को महाराष्ट्र में कोरोना के 8,129 नए मामले दर्ज किए गए, जबकि 200 लोगों की मौत हो गई. दूसरी तरफ मुंबई में 529 नए कोविड -19 मामले और 19 मौतें दर्ज की गईं. दोनों हॉटस्पॉट ने पिछले कुछ हफ्तों में नीचे का ग्राफ दिखाया है, लेकिन विशेषज्ञों का सुझाव है कि ये स्थान अभी भी खतरे से बाहर नहीं हैं और लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का पालन करना चाहिए. Also Read - IIMC के महानिदेशक संजय द्विवेदी का बयान, बोले- कोरोना के खिलाफ जंग में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका

India Today से बात करते हुए कोविड टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. ओम श्रीवास्तव ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह कहना जल्दबाजी होगी कि मुंबई और महाराष्ट्र अब खतरे से बाहर हैं. उन्हें लगता है कि एक नए उछाल की आशंका अब भी कम नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि कई कारकों के आधार पर COVID का खतरा जून 2021 और दिसंबर 2021 के बीच या जून 2022 तक भी रह सकता है. उन्होंने आगे कहा कि जब तक राज्य खतरे से बाहर नहीं हो जाते, तब तक कुछ हिस्सों में पाबंदियां बनी रहनी चाहिए और लोगों को उनका पालन करना चाहिए. Also Read - Coronavirus Cases in USA: अमेरिका में कोरोना के डेल्टा वेरिएंट का कहर, 1 दिन में 1 लाख से अधिक लोग संक्रमित

मुंबई और महाराष्ट्र के अलावा राष्ट्रीय राजधानी को भी COVID प्रतिबंधों का उल्लंघन करते देखा गया. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे तीसरी लहर की आशंका और बढ़ जाएगी. जैसा कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने लॉकडाउन मानदंडों में ढील की घोषणा की. इसके बाद हजारों यात्रियों ने मंगलवार को भूमिगत रेलवे स्टेशनों और शॉपिंग मॉल में भीड़ लगा दी. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी गई कि इससे सीओवीआईडी ​​​​-19 संक्रमण के मामले फिर गहरा सकते हैं.

विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने आगाह किया कि आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने की दौड़ टीकाकरण के प्रयासों से समझौता करेगी, क्योंकि सभी 950 मिलियन पात्र वयस्कों में से केवल 5% को ही टीका लगाया गया है. कुछ डॉक्टरों ने कहा कि दिल्ली का लगभग पूर्ण रूप से फिर से खोलना चिंता का विषय है. हालांकि दिल्ली सरकार ने कहा कि अगर मामले बढ़ते हैं तो सख्त प्रतिबंध फिर से लगाए जाएंगे.