नई दिल्ली: देश में एक तरफ जहां सभी राज्यों में शराबें फिर से बिकनी शुरू हो चुकी हैं. वहीं एक बार फिर नशा अपनों के रिश्तों पर भारी पड़ने लगा है. जी हां, लॉकडाउन के दौरान शराब बिक्री पर रोक लगाए जाने के बाद घरेलू हिंसा के मामलों में काफी कमी देखने को मिली लेकिन जैसे ही लोगों को विकल्प के तौर पर शराब उपलब्ध कराया गया तो एक बार फिर से घरेलू हिंसा के मामले सामने आने लगे. नई घटना आंध्रप्रदेश की है. यहां एक शराब बिक्री के कारण दो लोगों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा है. Also Read - Video: लॉकडॉउन के बीच गांव में सियासत का पारा चढ़ा, एक ही पार्टी के दो गुटों के बीच हुई ये भिड़ंत

आंध्र प्रदेश के चितूर जिले में एक परिवार के दो लोगों यानी पत्नी नंदनी और बेटी जगधा ने आत्महत्या कर ली. वजह बनी जगधा के पिता का शराब के नशे में चूर होना. दरअसल सोमवार के दिन शराब के नशे में शख्स घर पहुंचा. यहां घर पहुंचने के बाद उसने अपनी पत्नी और बेटी से झगड़ा किया. इस कारण शख्स की हरकत से परेशान होकर पत्नी और बेटी दोनों ने आत्महत्या कर ली. Also Read - आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को छोड़कर पूरे देश में आज से शुरू होंगी घरेलू यात्री उड़ानें, राज्यों के अलग-अलग नियम

इस घटना के बारे में लोगों को जैसे ही पता चला, तो महिलाओं ने जिले में शराब की बिक्री पर रोक लगाने को लेकर खूब प्रदर्शन किया. इसके बाद मामला बढ़ता देख पुलिस ने उस इलाके की तीन शराब की दुकानों को बंद करा दिया. बता दें कि देशभर में शराब के प्रति लोगों का क्रेज देखने को मिल रहा है. लोग लंबी लंबी लाइनों घंटों सिर्फ शराब खरीदने के लिए खड़े दिखाई पड़ रहे हैं. Also Read - Vande bharat abhiyan : लॉकडाउन के चलते विदेशों में फंसे 459 भारतीय स्वदेश लौटे, क्वारंटाइन में बिताना होगा 14 दिन