पटना: बिहार में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कोटा एवं देश के अन्य स्थानों पर फंसे राज्य के छात्रों को वापस लाने का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध करते हुए कहा कि फंसे हुए छात्रों को मुख्यमंत्री द्वारा वापस लाने से इंकार करने का असर अगले विधानसभा चुनाव में राजग के लिए ‘‘गंभीर’’ हो सकता है. Also Read - दिल्ली में Covaxin की आपूर्ति रोके जाने के आरोप पर भारत बायोटेक ने कही ये बात

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार विधान परिषद में भाजपा सदस्य संजय पासवान ने कहा कि अगर अन्य राज्यों में फंसे बिहार के छात्रों को समय से वापस नहीं लाया गया तो इसका खामियाजा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अगले विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है. Also Read - देश में Lockdown जैसी पाबंदियों का दिखने लगा असर! महाराष्ट्र, दिल्ली समेत 18 राज्यों में नए केस में कमी- जानें अपने राज्य का हाल...

उन्होंने कहा कि इस साल चुनाव होने वाले हैं. कोटा में पढ़ रहे बच्चों की संख्या भले ही केवल एक हजार हो लेकिन इससे एक लाख परिवार प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि अगर एक लाख परिवारों में हर परिवार में पांच मतदाता भी हैं तो पांच लाख वोट प्रभावित होंगे. Also Read - Gujarat Lockdown Update: गुजरात के 36 शहरों में एक हफ्ते बढ़ा Night Curfew, अब 18 मई तक लागू रहेंगी पाबंदियां...

संजय ने कहा, ‘‘हमारे बच्चों को वापस लाना मुख्यमंत्री की ड्यूटी है. इससे हमारा राजनीतिक नुकसान भी हो रहा है. उन्हें तीन मई तक सभी बच्चों को बिहार वापस ले आना चाहिए.’’ उन्होंने कहा ‘ इसलिए मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि कोटा और पुणे में फंसे हमारे बच्चों को वापस लाएं’. बता दें कि कई राज्यों ने अपने यहाँ के छात्रों को निकाल लिया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने 200 बसें भेजकर हज़ारों छात्रों को निकाल लिया था, जबकि नीतीश सरकार ने ऐसा करने से मना कर दिया था.