Locust Terror in India: पाकिस्तान के रास्ते भारत में घुस आए टिड्डी दल ने राजस्थान से लेकर ओडिशा तक कई सूबे की सरकारों की चिंता बढ़ा दी है. टिड्डी दल से हो रहे नुकसान से किसानों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है. ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि ग्रामीण स्तर पर सब लोग मिलकर ढोल-नगाड़ों आदि से शोर मचाएं. ऐसा करने के पीछे का कारण बताया गया है कि शोर मचाने से टिड्डी दल जमीन पर नहीं उतरते. Also Read - Coronavirus in Odisha: ओडिशा में 494 नए कोविड19 पॉजिटिव मरीज, संक्रमितों की संख्या 15 हजार के पार

जिन राज्यों में टिड्डियां तांडव मचा रही हैं, वहां की सरकारें केंद्र की मदद से हरियाली के इस दुश्मन का खात्मा करने में जुटी हैं. वहीं, जिन राज्यों में अब तक टिड्डी दल ने दस्तक नहीं दिया है, वहां की सरकारी मशीनरी अलर्ट पर है और सरकार की ओर से किसानों को एडवायजरी जारी की गई है. राजस्थान और मध्य प्रदेश में आतंक मचाने के बाद टिड्डियों का दल बुधवार को एक बार फिर उत्तर प्रदेश के झांसी पहुंच गया. Also Read - अच्छी अंग्रेज़ी बोलना, हैंडसम होना काफी नहीं, देश के लिए अच्छी सोच, विचारधारा और सिद्धांत के मायने ज्यादा: अशोक गहलोत

इस बीच लखनऊ में जारी एक सरकारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टिड्डी दल पर नियंत्रण करने के लिए प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों जैसे झांसी, ललितपुर, आगरा, मथुरा, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, जालौन, इटावा एवं कानपुर देहात आदि जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. Also Read - सचिन पायलट को पद से हटाए जाने पर कांग्रेस में इस्तीफों की झड़ी, NSUI और कई पार्टी पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा

टिड्डियों के हमले की आशंका के मद्देनजर दमकल वाहनों को पहले से ही तैयार किया गया था. उन्होंने बताया कि इन कीटों को भगाने के लिये कीटनाशकों का गहन छिड़काव किया जा रहा है. साथ ही वाहनों पर डीजे तथा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों को लगाकर शोर किया जा रहा है. झांसी के समथर थाना क्षेत्र के दतावली गांव के पास भी टिड्डियों का एक छोटा दल देखा गया. उसे भी भगाने के प्रयास किये जा रहे हैं. उधर, प्रदेश स्थित बुंदेलखंड के अन्य जिलों बांदा, चित्रकूट, महोबा और हमीरपुर में टिड्डी दल के आने की उम्मीद कम है. फिर भी इन जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गयी है और किसानों को भी सावधान रहने को कहा गया है.

बांदा के जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल ने बताया, “पाकिस्तान से चलकर राजस्थान के रास्ते मध्य प्रदेश पहुंचने वाला टिड्डी दल वर्तमान में मध्य प्रदेश के छतरपुर तथा पन्ना जिलों में पहुंच चुका है, जोकि बांदा जिले के निकट सीमावर्ती जनपद हैं. हवा की दिशा और गति के अनुसार यह टिड्डी दल बांदा तथा महोबा जिला भी पहुंच सकता है.” उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत जिले के मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है और समस्त फील्ड कर्मचारियों को भी सचेत कर दिया गया है.

टिड्डी के प्रकोप उनसे बचाव तथा सावधानियों से सम्बन्धित विस्तृत जानकारी विषयक एक फोल्डर तैयार कर प्रदेश के सभी जनपदों के विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सोशल मीडिया के माध्यम से उपलब्ध करा दिया गया है, साथ ही इसे किसानों एवं जन सामान्य को भी उपलब्ध कराया गया है. बयान में कहा गया कि टिड्डी दल के प्रकोप की सूचना ग्राम प्रधान, लेखपाल, कृषि विभाग के प्राविधिक सहायकों एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों सहित समस्त क्षेत्रीय कार्मिकों तथा सोशल मीडिया के माध्यम से त्वरित ढंग से कृषकों तक पहुंचाने के लिए सम्बन्धित जनपदों को निर्देश दिए गए हैं.

इसमें कहा गया है कि टिड्डियों द्वारा हमला करने की स्थिति में एक साथ इकट्ठा होकर ढोल, नगाड़े, टीन के डिब्बे, थालियां आदि को बजाते हुए शोर मचाने की सलाह भी जारी कर दी गयी है. उल्लेखनीय है कि टिड्डी दल आमतौर पर नदी, झील, तालाब किनारे हरियाली वाले स्थानों पर अधिक हमला करते हैं तथा कद्दू वर्गीय फल, सब्जी आदि को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं.

(इनपुट एजेंसी)