नई दिल्ली: विपक्ष तथा मोदी सरकार के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तथा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के इस्तीफे को लेकर जारी गतिरोध के कारण संसद की कार्यवाही तीसरे दिन गुरुवार को भी बाधित हुई। सरकार ने कांग्रेस पर हमला करते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया। यह भी पढ़े:व्यापमं नष्ट कर चुका है परीक्षा सामग्री, जांच बड़ी चुनौतीAlso Read - Parliament Winter Session: विपक्षी नेताओं ने की मुलाकात, वेंकैया नायडू की दो टूक-सांसदों को माफी मांगनी ही होगी

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सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने फेसबुक पर एक पोस्ट को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर लोकसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया। Also Read - IIMC के कार्यक्रम में ओम बिरला बोले- स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मीडिया लोकतंत्र को सशक्त बनाता है

गुरुवार को लोकसभा कांग्रेस व भाजपा के बीच जंग का अखाड़ा बन गया। कुछ इसी तरह का नजारा राज्यसभा में भी देखा गया, जहां संबंधित मंत्रियों के इस्तीफे की विपक्ष की मांग को लेकर कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा कि वीरभद्र सिंह ने करोड़ों रुपये असुरक्षित ऋण के रूप में लिए।

उन्होंने कहा, “वेंचर एनर्जी टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की परियोजना को वीरभद्र सिंह द्वारा पुनर्जीवित किया गया था, जिसके कुछ समय बाद कंपनी के मालिक ने मुख्यमंत्री की पत्नी को 1.5 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री को 2.4 करोड़ रुपये असुरक्षित ऋण के तौर पर दिए गए।” प्रसाद ने चुटकी लेते हुए कहा कि आजकल काफी कुछ बोलने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को इसपर भी कुछ बोलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया, “असुरक्षित ऋण के रूप में यह और कुछ नहीं रिश्वत है, क्योंकि मुख्यमंत्री ने कंपनी की मदद की।”

वहीं, कांग्रेस ने पलटवार करते हुए भाजपा पर कार्रवाई की जगह बदला लेने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं से कहा, “लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए वे (भाजपा) अपने नेताओं का इस्तीफा लेने की जगह गैर मुद्दे तथा छोटी बातों को उठा रहे हैं।”

गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, कांग्रेस तथा अन्य पार्टी के सदस्यों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तथा राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ तख्तियां लहराईं। हंगामे के बीच अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर तक, फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

इन नाटकीय दृश्यों के बीच ही भाजपा के प्रहलाद जोशी ने वाड्रा के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया। घोटाले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्यसभा में गुरुवार को भी हंगामा जारी रहा, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। बाद में सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया।

विपक्ष पहले सुषमा स्वराज का इस्तीफा चाहता है। सदन के नेता अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने गुरुवार को जो नोटिस दिया है, उसमें चर्चा से पहले कार्रवाई की शर्त नहीं है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां हंगामा करने लगीं। उन्होंने सरकार की तरफ से चर्चा कराए जाने की बात को अनसुना कर दिया।