दिल्ली: लोकसभा सेक्रेटेरियट का खर्चा कम करने के लिए इस बार नव-निर्वाचित सांसदों के लिए दिल्ली के हाई सिक्योरिटी और पॉश नॉर्थ एवेन्यू इलाके में नए फ्लैटों का निर्माण कराया गया है. खबरों के मुताबिक, कम से कम 36 फ्लैट अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नवनिर्वाचित लोकसभा सांसदों को आवंटित किए जाने के लिए तैयार हैं.

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) ने इन फ्लैट्स का निर्माण किया है जो सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और सांसदों की सभी जरूरतों को पूरा करेगा. इन डुप्लेक्स फ्लैट्स का निर्माण भूकंपरोधी तकनीक और ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट पर किया गया हैं.

हर अपार्टमेंट ब्लॉक में दो मंजिल हैं और फ्लैट डुप्लेक्स विकल्प के साथ बने हैं. यहां लिफ्ट की भी सुविधा हैं और फ्लैट सें राष्ट्रपति भवन का सुंदर व्यू दिखता है. हर फ्लैट में चार बेडरूम, मॉड्यूलर किचन, ग्रेनाइट फ्लोरिंग, सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनिंग, एक छोटा मंदिर, सर्वेंट रूम और एक बेसमेंट पार्किंग है. बिजली बिल को कम करने के लिए छतों पर सौर पैनल लगाए गए हैं. फ्लैट्स में सेंसर लाइटिंग की व्यवस्था है.

इन फ्लैट्स का निर्माण लोकसभा सेक्रेटेरियट का खर्चा कम करने के लिए किया गया है. इन फ्लैट्स का निर्माण का निर्णय तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की अध्यक्षता में हुई थी ताकि संसदों का आलिशान बंगलों और होटलों में रहने पर होने वाले खर्च में कटौती की जा सके. यह निर्णय लिया गया कि नव-निर्वाचित सांसदों को उनके स्टेट गेस्ट हाउस या सरकारी हॉस्टलों में रखा जाए, जब तक कि उन्हें अपना आधिकारिक आवास आवंटित नहीं किया जाता है.

लोकसभा सेक्रेटेरियट के एक अधिकारी के अनुसार, 2014 में लगभग 300 नव-निर्वाचित सांसदों को होटलों में 15 सें 30 दिन तक ठहराया जाता था जिसकी कीमत एस्टेट विभाग को भारी पड़ती थी.