नई दिल्ली: महाराष्ट्र में शिवसेना से गठबंधन पर मुहर लगने के बाद तमिलनाडु में बीजेपी और अन्नाद्रमुक (एआईडीएमके) से गठबंधन को अंतिम रूप देने के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल मंगलवार को चेन्नई जाएंगे. उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तमिलनाडु में होंगे. पीएम तिरुपुर और कन्याकुमारी में रैली को संबोधित करेंगे. तमिलनाडु में लोकसभा की 39 सीटें हैं. बीजेपी 50-50 फॉर्मूले के तहत सीटों का बंटवारा चाहती थी. हालांकि बीजेपी अपने सहयोगियों के साथ 15 सीटों पर लड़ने के लिए राजी हो गई है, वहीं पुडुचेरी सहित 25 सीटों पर एआईडीएमके चुनाव लड़ेगी.Also Read - कोरोना वायरस के चलते महाराष्ट्र सरकार ने लगाए नए प्रतिबंध, यात्रियों के लिए RT-PCR रिपोर्ट जरूरी; यहां देखें Full गाइडलाइन

रजनीकांत की वजह से हुई देरी
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक 15 में से 8 सीटों पर बीजेपी अपने उम्मीदवार उतारेगी वहीं अन्य सात सीटें अपने सहयोगी पार्टियों जैसे अभिनेता-राजनेता विजयकांत की DMDK, अंबुमणि रामदास की PMK और पुथिया थमिजम जैसे छोटे दलों के लिए छोड़ देगी. सूत्रों के अनुसार, बीजेपी और एआईएडीएमके दोनों पार्टियों का नेतृत्व अभिनेता से नेता बने रजनीकांत के रुख का इंतजार कर रहा था. उम्मीद थी कि वह भी इस गठबंधन का हिस्सा बनेंगे, लेकिन रजनीकांत ने कहा है कि वह आम चुनाव नहीं लड़ेंगे. Also Read - विपक्षी दलों ने संविधान और बाबासाहेब का अपमान किया है, जनता इनको माफ नहीं करेगी: जेपी नड्डा

लोकप्रिय बटज से बढ़ी उम्मीद
भाजपा नेताओं का मानना है कि एआईएडीएमके सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर के बावजूद गठबंधन एक जबरदस्त चुनावी ताकत बन सकता है. खासकर ई पलानीस्वामी सरकार द्वारा हाल ही में पेश किए गए लोकप्रिय बजट के बाद इसकी संभावना बढ़ी है. पार्टी के एक नेता ने कहा कि पिछले हफ्ते गोयल ने एआईएडीएमके नेताओं पलानीस्वामी और ओ पन्नीरसेल्वम (उप मुख्यमंत्री) के साथ देर रात हुई बैठक में सीट बंटवारे के फॉर्मूले को अंतिम रूप दिया था. नेता ने कहा कि पीएमके को गठबंधन में लाने की जिम्मेदारी अन्नाद्रमुक नेताओं ने भाजपा को दी थी. एनडीए गठबंधन में पीएमके और डीएमडीके को तीन-तीन सीटें मिलने की संभावना है. Also Read - सपा नेता की दरोगा को धमकी- 'हमारे झंडे नोचोगे तो हम तुम्हारे बिल्ले नोच लेंगे', फिर हुआ ये

2014 में दक्षिण में नहीं गली थी बीजेपी की दाल
तमिलनाडु के बीजेपी नेताओं का कहना है कि वे राज्य में मोदी की लोकप्रियता के साथ-साथ कोयंबटूर, कन्याकुमारी, शिवगंगा और तिरुपुर जैसे जिलों में वर्षों से तैयार किए गए समर्थन के आधार पर राजनीति कर रहे हैं. बीजेपी के शीर्ष नेता राज्य के लिए एक रूपरेखा बना रहे हैं. इसमें पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रविशंकर प्रसाद और स्मृति ईरानी सहित अन्य लोग शामिल हैं.

2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद दक्षिणी राज्यों में विफल रही बीजेपी केंद्र की सत्ता में वापसी के लिए इस क्षेत्र में गठबंधन के सहारे है. बीजेपी तमिलनाडु और केरल में चुनाव पूर्व गठबंधन पर जोर दे रही है. वहीं जरूरत पड़ने पर बीदेपी आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में चुनाव के बाद गठबंधन कर सकती है. एक नेता ने बताया कि भाजपा तेलंगाना में टीआरएस और आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस दोनों को मैत्रीपूर्ण पार्टियों के रूप में गिना रही है, लेकिन उनके साथ चुनाव पूर्व गठबंधन की गुंजाइश नहीं है.

चुनाव बाद होगा इन पार्टियों से गठबंधन
बीजेपी मार्च के पहले हफ्ते तक चुनाव पूर्व गठबंधन पूरा कर लेने की उम्मीद कर रही है. महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने मौजूदा सहयोगियों अपना दल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप देने की इच्छुक है. पार्टी पहले ही बिहार में जेडी (यू) और रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी के साथ सीट-बंटवारे के फॉर्मूले को अंतिम रूप दे चुकी है. सोमवार को बीजेपी के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव (संगठन) बी एल संतोष ने ट्वीट किया, ‘राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं. सहित अगले कुछ दिन घटने वाली घटनाएं सभी अंकगणित और सर्वे बदल देंगी. बहुत से गठबंधन अप्रासंगिक हो जाएंगे.