नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी की नजर दक्षिण भारत पर है. पार्टी ने यहां से 50 लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है. कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, केरल और यूनियन टेरिटरी पुडुचेरी में 130 संसदीय सीटे हैं. हमारे सहयोगी डीएनए को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बीजेपी का फोकस कर्नाटक पर है. यहां से पार्टी 28 में से 25 सीटें जीतने की उम्मीद कर रही है. वही तमिलनाडु में बीजेपी महागठबंधन बनाने जा रही है. केरल में सबरीमाला मंदिर के मामले को लेकर बीजेपी उम्मीद कर रही है कि उसे 5 से 6 सीटें मिल सकती हैं. सूत्रों का कहना है कि आंध्रप्रदेश में बीजेपी का लक्ष्य 10 सीटें जीतना है. पार्टी 1999 के अपने प्रदर्शन को दोहराना चाहती है. बीजेपी के महासचिव मुरलीधर राव जो कर्नाटक में लोकसभा चुनाव प्रभारी भी हैं का कहना है कि पार्टी कर्नाटक में विपक्ष का मनोबल तोड़ने वाली स्थिति में है.

कर्नाटक में क्या है प्लान
पार्टी सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा लोकसभा चुनावों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. येदियुरप्पा ने पहले ही राज्य के सभी 28 लोकसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रभारी और संयोजक नियुक्त कर दिए हैं. पार्टी के एक नेता ने कहा, हमारे लिंगायत नेता का प्रभाव केवल व्यक्तिगत रूप से समुदाय के मतदाताओं पर ही नहीं पड़ता है, बल्कि वह वोकलिंगस, कुरबास, ब्राह्मण, ओबीसी और एससी में भी उतने ही लोकप्रिय हैं. सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार की विभिन्न योजनाओं का पार्टी जमकर प्रचार कर रही है. केंद्र की योजनाओं से पिछले पांच वर्षों में राज्य को कैसे फायदा हुआ है, पार्टी इस बारे में वोटर्स को बता रही है. सूत्रों ने कहा कि अपनी रणनीति के तहत, पार्टी कुछ मौजूदा सांसदों को बदल सकती है.

तमिलनाडु में गठबंधन पर भरोसा
तमिलनाडु जहां 39 लोकसभा सीटें हैं, पार्टी महागठबंधन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. AIDMK को बीजेपी के पाले में लाने की संभावना है. AIDMK के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ तालमेल किया है. इसके अलावा, पार्टी ने पलानीस्वामी और ओ पन्नीरसेल्वम से संबद्ध दो गुटों के बीच दरार को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जनवरी को मदुरै का दौरा करने और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की नींव रखने के बाद राज्य पार्टी के चुनाव अभियान को हरी झंडी दिखाने वाले हैं.

2014 में पार्टी गठबंधन के साथ चुनावों में गई जिसमें एमडीएमके, पीएमके और अन्य छोटे दल शामिल थे. गठबंधन ने राज्य से दो सीटें जीतीं. बीजेपी और पीएमके ने एक-दूसरे को पटखनी दी थी. इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि गठबंधन ने 18.5 फीसदी वोट शेयर हासिल किया था. तमिलनाडु के पार्टी प्रभारी राव ने कहा, हमारे पास तमिलनाडु में गठबंधन सरकार चलाने का पर्याप्त अनुभव है. अगले कुछ दिनों में हम इसे निश्चित रूप से पूरा करेंगे.

ऐसे जीतेंगे केरल
केरल में सबरीमाला के मद्देनजर, राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि भाजपा के पक्ष में हिंदुओं का बड़ा झुकाव है. इसके अलावा, पार्टी बड़े पैमाने पर ईसाइयों तक भी पहुंच रही है. राव का कहना है कि हम 2019 के लोकसभा चुनावों में निश्चित रूप से जीत हासिल करेंगे. पार्टी गठबंधन के बल पर राज्य में पांच से छह सीटें जीतने की योजना बना रही है. पार्टी के सूत्रों का कहना है कि भाजपा तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, पलक्कड़ और अटिंगल जैसे लोकसभा क्षेत्रों पर नजर गड़ाए हुए है.

आंध्र में 1999 के प्रदर्शन को दोहराना चाहती है पार्टी
आंध्र प्रदेश जिसमें 25 लोकसभा सीटें हैं, भाजपा 10 सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है और कम से कम छह सीटें जीतने की उम्मीद कर रही है. पार्टी 1999 के अपने प्रदर्शन को दोहराना चाहती है जब उसने अविभाजित आंध्रप्रदेश से सात सीटें जीती थीं. बीजेपी के एक नेता ने दावा किया कि एनडीए छोड़ने के बाद चंद्रबाबू नायडू और उनकी तेलुगु देशम पार्टी के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर है और बीजेपी उस भावना को अपने पक्ष में कर लेगी. बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव और आंध्र के लिए लोकसभा चुनाव प्रभारी सुनील देवधर का कहना है कि 1999 में हमने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की लोकप्रियता के कारण अविभाजित आंध्र में सात सीटें जीती थीं. इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकप्रिय हैं. हम निश्चित रूप से अच्छा करेंगे.