नई दिल्ली: गुजरात के कांग्रेस विधायक और प्रमुख ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर ने गुरुवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से मुलाकात की. ठाकोर ने हाल ही में पार्टी के प्रदेश नेतृत्व से नाराजगी जतायी थी. इस मुलाकात से राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है. हालांकि, अटकलों को खारिज करते हुये रुपाणी ने कहा कि ठाकोर अपने विधानसभा क्षेत्र के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आए थे. साबरकांठा जिले के इदर शहर में मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘वह एक विधायक के तौर पर मुद्दों (अपने विधानसभा क्षेत्र से संबंधित) पर चर्चा करने के लिए आए थे. कांग्रेस के सभी विधायक इस मकसद से मुझसे मिलते रहते हैं. इसका कुछ और मतलब नहीं था.’’

पाटण जिले की राधनपुर सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले ठाकोर इस मामले पर टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो सके. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही दिनों पहले ठाकोर ने कहा था कि कांग्रेस में उनके समुदाय के लोग और समर्थक ‘ठगा हुआ’ और ‘उपेक्षित’ महसूस कर रहे हैं.

बता दें कि गुजरात में हिंदी भाषियों के खिलाफ हिंसा को लेकर अल्पेश की जमक आलोचना हुई थी. साबरकांठा जिले में 28 सितम्बर को 14 महीने की बच्ची से बलात्कार की घटना और इस अपराध के लिए बिहार के एक मजदूर को गिरफ्तार किए जाने के बाद से गुजरात के छह जिलों में हिंदी भाषी लोगों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं हुई थीं. हमलों के बाद 60 हजार से अधिक प्रवासियों को गुजरात से पलायन करना पड़ा था जिनमें अधिकतर उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के थे. इस मामले में कांग्रेस नेता अप्लेश का नाम सामने आया था. हालांकि उन्होंने आरोपों से इनकार किया था.

कांग्रेस के विधायक और बिहार कांग्रेस प्रभारी अल्पेश ठाकोर का एक वीडियो सामने आया था. इसमें वह कह रहे थे कि बाहरी लोगों की वजह से राज्य में हिंसा बढ़ रही है. उनकी वजह से यहां के गुजरातियों को रोजगार नहीं मिल रहा है. क्या यह राज्य सच में गुजरातियों का है. हालांकि अल्पेश ने कहा था कि गलत होने पर खुद ही जेल चला जाउंगा. लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की आलोचना और बीजेपी सरकार के सीएम से मुलाकात को लोकसभा चुनाव से पहले गुजरात में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है.