नई दिल्ली: आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश लिए विशेष दर्जे की मांग को लेकर सोमवार को एक दिन का अनशन किया. उनके समर्थन में विपक्षी दलों के कई नेता आए. एक महीने से भी कम समय में यह दूसरा मौका था जब विपक्षी नेता सरकार के खिलाफ एकजुट हुए. इतना ही नहीं भाजपा की सहयोगी शिवसेना के संजय राउत भी नायडू के धरना स्थल पर पहुंचे.

ये नेता पहुंचे थे
नायडू से मुलाकात करने वाले नेताओं में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के माजिद मेमन, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, द्रमुक के तिरुचि शिवा, लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव शामिल थे. इसके अलावा कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, अहमद पटेल और जयराम रमेश भी नायडू का समर्थन करने के लिए पहुंचे.

बीएसपी का कोई नेता नहीं दिखा
लेकिन विपक्ष के नेताओं के जमावड़े के बीच बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) का कोई नेता मंच पर दिखाई नहीं दिया. इससे ये संदेश गया कि मायवती चंद्रबाबू नायडू के साथ नहीं हैं. हालांकि ऐसा नहीं है कि चंद्रबाबू नायडू ने बीएसपी प्रमुख को न्योता नहीं भेजा था. पिछले कुछ समय में विपक्ष के नेताओं को एकजुट करने में नायडू ने बड़ी भूमिका निभाई है. यहां तक कि वह कांग्रेस को भी एक मंच पर लाने में कामयाब हुए हैं. सोमवार का धरना विपक्ष के नेताओं के लिए एक मौका था कि आंध्र प्रदेश को स्पेशल राज्य के मुद्दे के बहाने वे बीजेपी और मोदी के खिलाफ एकजुट हों. कई सारे नेता इसी बहाने जुटे भी, लेकिन बीएसपी का कोई नेता दिखाई नहीं दिया.

पहला मौका नहीं
हालांकि यह पहला मौका नहीं कि मायावती ने नायडू को नजरअंदाज किया है. पिछले साल अक्टूबर 2018 में चंद्रबाबू नायडू ने दिल्ली स्थिति आवास पर मायावती से मुलाकात की थी. इस दौरान मायावती ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में गठबंधन को लेकर कांग्रेस के रुख की चर्चा की थी और कांग्रेस और बीएसपी गठबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे.

कहीं ये तो वजह नहीं
बीएसपी का मानना है कि नायडू कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीब हैं जिससे टीडीपी और कांग्रेस में भी नजदीकियां बढ़ी हैं. सूत्रों का कहना है कि मायावती को ये बात पसंद नहीं है. पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले 10 दिसंबर को भी नायडू ने दिल्ली में बैठक बुलाई थी लेकिन एसपी और बीएसपी ने उसे नजरअंदाज कर दिया था. हालांकि इसके पीछे वजह ये थी कि मायावती इन राज्यों के नतीजों के बाद अपने पत्ते खोलना चाहती थीं.

आज फिर जुटेंगे विपक्ष के नेता
इस दौरान अन्य पार्टियों की ओर से होने वाली मीटिंग में बीएसपी अपनी मौजूदगी दर्ज कराती रही.बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कोलकाता में हुई ममता बनर्जी की रैली में हिस्सा लिया.कांग्रेस की ओर से एक फरवरी को आयोजित सेव द नेशन, सेव द डेमोक्रेसी मीटिंग में भाग लिया. हालांकि इकनॉमिक टाइम्स से बातचीत में नायडू ने कहा कि कम्यूनिकेशन गैप है और कोई बात नहीं है. देश के हित में हम मामले को सुलझा लेंगे. नायूड के धरने को लेकर बीएसपी की तरफ से कोई बयान नहीं आया है.उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली में आज होने वाली आप की महारैली में बीएसपी शामिल होगी.