नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी शासित सभी राज्यों के सीएम के साथ बुधवार को बैठक की. पीएम ने सभी मुख्यमंत्रियों से 2019 की लोकसभा चुनाव से पहले सरकार की महत्वाकांक्षी एंव कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुचाने के लिए कड़ी मेहनत करने को कहा है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं चुनावों को एक साथ कराने, अगले लोकसभा चुनावों से पहले पार्टी को और मजबूत बनाने और पार्टी के विकास एजेंडा को गरीबों तक पहुंचाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई. बुधवार को आयोजित यह बैठक पांच घंटे से ज्यादा चली. Also Read - अंडमान निकोबार को अब बाहरी दुनिया से डिजिटल संपर्क में कोई समस्या नहीं आएगी: पीएम मोदी

रमन सिंह ने कहा, ‘हमने अपने सुशासन के मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की और मुख्यमंत्रियों ने बताया कि वे इस दिशा में काम कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि अगले वर्ष तक हर घर में बिजली पहुंचाने और 2022 तक सभी परिवारों को घर मुहैया कराने की योजना की भी समीक्षा की गई. Also Read - पीएम मोदी की फोटो से छेडछाड़ कर ट्वीट करने के मामले में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के खिलाफ दर्ज हुआ मामला

बीजेपी के एक उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक के दौरान विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने प्रदेश में केंद्र सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं के बारे में प्रस्तुति दी और आगे की कार्य योजना पेश की. बैठक के दौरान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने केंद्रीय बजट में प्रस्तावित योजनाओं को अपने-अपने प्रदेशों में लागू करने पर जोर दिया. Also Read - कल राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का उद्घाटन करेंगे पीएम नरेंद्र मोदी, 2017 में हुई थी घोषणा

बैठक में पार्टी ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने की समीक्षा की और जनता के बीच इसके प्रभाव का आकलन किया. बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं उपमुख्यमंत्रियों की इस बैठक में प्रधानमंत्री के अलावा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह एवं कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं उपमुख्यमंत्रियों के साथ व्यापक चर्चा की.’ यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही समय पहले राजस्थान में लोकसभा सीटों पर उपचुनाव में बीजेपी को पराजय का सामना करना पड़ा जबकि मध्यप्रदेश और ओडिशा में विधानसभा उपचुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है. इसके अलावा साल 2018 में भी कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसमें से कुछ राज्यों में बीजेपी की सरकार हैं.

इन परिस्थितियों में सरकार और पार्टी दोनों की कोशिश है कि केंद्र सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए क्योंकि लोकसभा चुनाव के लिये अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है. इस वक्त देश के 19 राज्यों में बीजेपी या फिर सहयोगियों के साथ उसकी सरकारें हैं.

पार्टी का मानना है कि अगर राज्यों में केंद्र सरकार की योजनाओं को अमली जामा पहना दिया जाए तो फिर इसका व्यापक असर पड़ेगा. 2018-19 के आम बजट में केंद्र सरकार ने गांव, गरीब और किसान पर सबसे ज्यादा जोर दिया है. ऐसे में पार्टी का जोर इस बात पर है कि बजट के प्रावधानों को धरातल पर उतारा जाए.

बैठक में देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए 5 लाख रुपए तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा देने, किसानों को फसल के उत्पादन लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने के अलावा केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना, जन-धन योजना को लागू करने के विविध आयामों पर चर्चा हो सकती है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का हमेशा से इस बात पर जोर रहा है कि केंद्र सरकार और राज्य की जो योजनाएं हैं, उनका लाभ समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे.

बैठक में प्रधानमंत्री, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, अरूण जेटली, नितिन गडकरी ने भी हिस्सा लिया. बैठक में शामिल बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों में शिवराज सिंह चौहान, रमण सिंह, वसुंधरा राजे, देवेन्द्र फड़णवीस, योगी आदित्यनाथ, विजय रूपाणी, सर्वानंद सोनोवाल, रघुवर दास, मनोहर लाल, त्रिवेन्द्र सिंह रावत के अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केशव प्रसाद मौर्य, निर्मल सिंह आदि शामिल थे.