नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला (Om Birla) ने रविवार को कहा कि प्राचीन काल से ही भारत की लोकतांत्रिक जड़े मजबूत हैं और न तो ब्रिटिश और न ही मुगल शासक समाज के गणतंत्रवादी और लोकतांत्रिक विशेषता को कमतर कर पाए. लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिड़ला ने कहा कि भारत की संस्कृति, सभ्यता और आध्यात्मिक ज्ञान बहुत पुराना है.

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया से लोग इस देवभूमि में मानवीय मूल्य और भाईचारा सीखने आते थे. लोकसभा अध्यक्ष ने स्वस्थ लोकतंत्र के लिए मीडिया के कामकाज में स्वतंत्रता और जवाबदेही को रेखांकित किया. वहीं दूसरी तरफ इसी सिलसिले में प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में साधु-संत अब चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार उन सभी शहरों के नाम बदले, जिनके नाम मुस्लिम मालूम पड़ते हैं. बस्ती जिले का नाम बदलकर वशिष्ठ नगर करने के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए, संतों ने कहा है कि राज्य में बड़ी संख्या में शहरों के नाम बदलकर मुगल शासकों द्वारा रखा गया था और इन शहरों को उनके मूल नाम वापस दिए जाने चाहिए.

अखिल भारतीय दंडी स्वामी परिषद के स्वामी महेशाश्रम महाराज ने कहा, “प्रयागराज को इलाहाबाद बना दिया गया और योगी आदित्यनाथ ने इसे वापस प्रयागराज में बदल दिया है. इसी तरह, अन्य शहरों को उनके मूल हिंदू नामों को वापस दिया जाना चाहिए, हमारे पास एक ऐसी सरकार है, जो हिंदुओं द्वारा संचालित है और हिंदुओं की है.”

 

इनपुट- एजेंसी