नई दिल्ली: देश को अब जल्द नया संसद भवन परिसल मिलने वाला है. इस संबंध में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने बड़ी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आगामी 10 दिसंबर को पीएम नरेंद्र मोदी 10 दिसंबर को दोपहर 1 बजे नए संसद भवन परिसर का शिलान्यास करेंगे. स्पीकर ओम बिड़ला ने पीएम आवास पहुंच कर उन्हें भूमि पूजन कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित भी किया. Also Read - Farm Laws 2020: कृषि कानूनों के विरोध के बीच किसानों और सरकार के बीच शुक्रवार होगी नौवें दौर की वार्ता

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद लोकसभा स्पीकर ने कहा कि हमारे संसद भवन को 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं और अब देश को जल्द ही नया संसद भवन भी मिल जाएगा. आजाद भारत के नए संसद भवन के निर्माण की तारीख तय कर ली गई है. उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर को दोपहर 1 बजे पीएम मोदी नए संसद भवन का भूमि पूजन करेंगे. Also Read - Yuva Sansad महोत्सव में बोले पीएम नरेंद्र मोदी- वंशवाद देश के लिए खतरा, युवा करें इसका खात्मा

ओम बिड़ला ने कहा कि मौजूदा संसद भवन आधुनिक तकनीकी से लैस नहीं है और संख्या के हिसाब से यह काफी छोटा भी है. उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से नए संसद भवन के निर्माण कार्य को स्वीकार किया गया है और इसमें काम करने वाले सभी शिल्पकार भारतीय होंगे. उन्होने बताया कि नए संसद भवन के निर्माण में लगभग 971 करोड़ रुपये की लागत आएगी.

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत नए भवन का निर्माण मौजूदा भवन के पास किया जाएगा और इसके निर्माण कार्य शुरू होने के 21 महीने में पूरा होने की उम्मीद है. सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत एक नए त्रिकोणीय संसद भवन, एक संयुक्त केंद्रीय सचिवालय और राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर लंबे राजपथ के पुनर्निमाण की परिकल्पना की गई है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिसंबर के पहले पखवाड़े में नए संसद भवन का शिलान्यास कर सकते हैं. सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि संसद परिसर में महात्मा गांधी और भीमराव अंबेडकर सहित लगभग पांच प्रतिमाओं को निर्माण कार्य के कारण अस्थायी रूप से स्थानांतरित किए जाने की संभावना है और परियोजना के पूरा होने पर नए परिसर के भीतर प्रमुख स्थानों पर इन प्रतिमाओं को फिर से स्थापित कर दिया जाएगा.

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत नए भवन का निर्माण मौजूदा भवन के पास किया जाएगा और इसके निर्माण कार्य शुरू होने के 21 महीने में पूरा होने की उम्मीद है. सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत एक नए त्रिकोणीय संसद भवन, एक संयुक्त केंद्रीय सचिवालय और राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर लंबे राजपथ के पुनर्निमाण की परिकल्पना की गई है.