नई दिल्ली: आयुष्मान भारत योजना को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं कराए जाने के केंद्र सरकार के आरोप पर सदन में राज्य सरकार का बचाव करते तृणमूल कांग्रेस के सांसद को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा कि वे यहां पश्चिम बंगाल सरकार की ‘मार्केटिंग’ न करें. प्रश्नकाल के दौरान, जब तृणमूल सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ‘स्वास्थ्य साथी प्रकल्प’ योजना लाई है, जिसके माध्यम से प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये हर साल दिए जा रहे हैं.

इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार 2019 में केंद्र की आयुष्मान भारत योजना से पीछे हट गई. बंद्योपाध्याय उनके इसी आरोप का जवाब दे रहे थे. तृणमूल सांसद ने जैसे ही राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना का नाम लिया, लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि आप यहां पश्चिम बंगाल सरकार की मार्के टिंग करने के लिए नहीं आए हैं. अपना सवाल पूछें. इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने मंत्री से यह जानना चाहा कि क्या बंगाल के अलावा किसी और राज्य ने भी 2018 में शुरू हुई आयुष्मान भारत योजना को अपनाने से इनकार किया है?

इन राज्यों ने आयुष्मान योजना को नहीं अपनाया
जवाब में हर्षवर्धन ने बताया कि पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, दिल्ली, ओडिशा, राजस्थान और पंजाब ने अभी तक इस योजना को नहीं अपनाया है. उन्होंने कहा कि यह योजना लोगों की भलाई के लिए लाई गई है और लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारों को चाहिए कि वे इसमें भागीदारी करें.