नई दिल्ली: मानसून सत्र के पहले दिन आज लोकसभा में तेलगू देशम पार्टी (तेदेपा) और समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने अपनी अपनी मांगों को लेकर आसन के समीप आकर नारेबाजी की. Also Read - यूपी में बीजेपी के लिए अब पहली चुनौती अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी, क्‍या बसपा का ग्राफ गिरेगा?

Also Read - बीजेपी से पहले से ही सांठगांठ, मायावती ने खुद ही खोली अपनी पोल: समाजवादी पार्टी

  Also Read - VIDEO: DND फ्लाइ-वे पर प्रदर्शन से जाम की स्थिति, बिजनेसमैन की सुसाइड को लेकर गुर्जर समुदाय गुस्‍साया

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने आज जब प्रश्नकाल शुरू कराया तब तेदेपा के सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे. वे आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य

का दर्जा देने की अपनी पुरानी मांग दोहरा रहे थे. सभी सदस्य कंधे पर पीले रंग की पट्टिका डाले हुए थे. तेदेपा सदस्यों के साथ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की रेणुका बूटा भी प्रदर्शन कर रही थीं.प्रश्नकाल के दौरान ही कांग्रेस के सदस्य भी अपनी बात रखना चाह रहे थे. पार्टी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया मांग उठा रहे थे कि सरकार के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव को पहले लिया जाए.

संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही हंगामा, पीएम मोदी ने कहा हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार

‘एससी/एसटी, ओबीसी को न्याय दो’

उधर धर्मेंद्र यादव समेत सपा सांसद भी आसन के समीप आकर नारे लगाने लगे. उन्हें ‘एससी/एसटी, ओबीसी को न्याय दो’ के नारे लगाते सुना गया. हालांकि लोकसभा अध्यक्ष ने सभी सदस्यों को अपने स्थान पर जाकर बैठने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रश्नकाल के बाद वह सभी की बात सुनेंगी. उन्होंने कहा कि वे किसी को मना नहीं कर रही. प्रश्नकाल के बाद सब को सुनूंगी.शोर-शराबे के बीच ही लोकसभा अध्यक्ष ने पूरा प्रश्नकाल चलाया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में उपस्थित थे. संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे.

पीएम मोदी ने सदस्‍यों का किया अभिनंदन

सदन की बैठक शुरू होने से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्यों का अभिनंदन किया. सफेद कुर्ता पजामा पहने प्रधानमंत्री ने सत्तापक्ष और विपक्ष की अग्रिम पंक्ति में बैठे नेताओं के पास जाकर हाथ जोड़कर उनका अभिनंदन किया. मोदी को समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव से कुछ बातचीत करते भी देखा गया. इससे पहले सदन की बैठक शुरू होने पर चार नये सदस्यों ने शपथ ली और इसके बाद सदन के तीन दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गयी.