चेन्नई: इस साल कुछ ही महीनों में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा दक्षिण के राज्यों में पांव पसारने की रणनीति पर चल रही है. दक्षिण के सबसे बड़े राज्य तमिलनाडु में लोकसभा की 39 सीटें हैं और यहां से भाजपा के केवल एक सांसद हैं. भाजपा के लिए सबसे चिंता की बात यह है कि राज्य में उसके पास कोई सहयोगी दल भी नहीं है. पिछले लोकसभा चुनाव में राज्य की छोटी-छोटी पांच पार्टियों के साथ भाजपा ने गठबंधन किया था लेकिन चुनाव के बाद सभी एक-एक कर उसका साथ छोड़ते हुए चले गए. तभी तो आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कहा कि भाजपा राज्य में गठबंधन को तैयार है. उन्होंने राज्य में एनडीए का कुनबा बढ़ाने का संकेत देते हुए कहा कि उनकी पार्टी राज्य के पुराने सहयोगियों के साथ दोस्ती निभाते रहना चाहती है. Also Read - West Bengal Assembly Election 2021: भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक थोड़ी देर में, पीएम मोदी और शाह की मौजूदगी तय होंगे कैंडिडेट्स

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राज्य के पांच जिलों के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत में प्रधानमंत्री ने ये अपील की. उन्होंने नब्बे के दशक में पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई ‘सफल गठबंधन राजनीति’ को याद किया और कहा कि भाजपा के दरवाजे ‘हमेशा खुले हैं.’ Also Read - राहुल और प्रियंका गांधी ने कहा- यूपी की बीजेपी सरकार में हर वर्ग के लिए मुश्किल बनी खराब कानून व्यवस्था

उन्होंने कहा, ‘20 साल पहले दूरदर्शी नेता अटलजी भारतीय राजनीति में नई संस्कृति लाए थे जो कि सफल गठबंधन राजनीति की संस्कृति थी. उन्होंने क्षेत्रीय आकांक्षाओं को सर्वाधिक महत्व दिया…अटलजी ने जो रास्ता हमें दिखाया था, भाजपा उसी पर चल रही है.’ मोदी एक कार्यकर्ता के इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या भाजपा अन्नाद्रमुक, द्रमुक या रजनीकांत के साथ गठबंधन करेगी. रजनीकांत ने अभी अपना राजनीतिक दल नहीं बनाया है.

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भारतीय जनता पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु में पीएमके, एमडीएमके समेत छोटे-छोटे क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन किया था और 39 में से दो सीटों पर जीत दर्ज की थी जिसमें से एक सीट पार्टी ने और दूसरी पीएमके ने जीती थी. हालांकि, बाद में सभी पांचों दलों ने भाजपा से रिश्ते तोड़ लिए थे.

प्रधानमंत्री कहा कि एक मजबूत राजग ‘हमारे लिए आस्था की बात है.’ उन्होंने कहा, ‘यह कोई मजबूरी नहीं है. अगर भाजपा अपने दम पर शानदार बहुमत हासिल कर लेती है तब भी हम अपने सहयोगियों के साथ सरकार चलाने को प्राथमिकता देंगे. हम पुराने मित्रों के साथ दोस्ती निभाते हैं और दलों के लिए हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं.’

क्षेत्रीय दलों के साथ ‘अच्छा व्यवहार ना करने’ के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘अटलजी ने जो किया, कांग्रेस उसके ठीक विपरीत है जिसने कभी क्षेत्रीय आकांक्षाओं की परवाह नहीं की.’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने क्षेत्रीय राजनीतिक दलों, महत्वाकांक्षाओं और लोगों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया क्योंकि उन्हें लगता है कि केवल उनके पास ही सत्ता में होने का अधिकार है.’’

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मोदी ने लोगों के साथ जुड़ने की महत्ता पर भी जोर देते हुए कहा कि सभी राजनीतिक मुद्दों से कहीं ऊपर लोगों के साथ गठबंधन है. उन्होंने कहा, ‘‘सबसे मजबूत गठबंधन आम नागरिकों के साथ होता है. गठबंधनों से ज्यादा हमें बाकी के लोगों के साथ जुड़ने पर ध्यान लगाना होगा.’’ इस कार्यक्रम में अराकोणम, कुड्डलोर, कृष्णागिरी, इरोड और धर्मपुरी से भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया.