नई दिल्ली| लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने बुधवार को बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी के लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर संसद में मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग करने को लेकर चेतावनी दी. वहीं इस मामले पर ठाकुर ने आज सदन में खेद जताया. सुमित्रा महाजन द्वारा ठाकुर को सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ देने पर विपक्ष ने हंगामा किया और सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी थी.

दरअसल, ठाकुर भीड़ द्वारा लोगों की पीट-पीटकर की गई हत्या की हालिया घटनाओं पर सदन में बहस के दौरान हंगामे के बीच कथित तौर पर वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे. इस मामले में कांग्रेस ने स्पीकर से ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को लिखे पत्र में सदन में कांग्रेस के सचेतक के सी वेणुगोपाल ने कहा था कि सदन की कार्यवाहियों की वीडियो रिकॉर्डिंग नियमों के तहत प्रतिबंधित है.

महाजन को लिखे पत्र में वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘हम सदन की कार्यवाहियों की गरिमा के संरक्षण के लिए तत्काल कार्रवाई का अनुरोध करते हैं. भाजपा के अपने प्रचंड बहुमत का इस्तेमाल करने पर कांग्रेस जन महत्व के मुद्दों को उठाने से नहीं रूकने वाली. ’’

बुधवार को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सदन में कहा कि जो भी हुआ वो होना नहीं चाहिए था. उन्होंने अनुराग ठाकुर से सफाई तलब की. ठाकुर ने मामले पर खेद जताया. इसके बाद सुमित्रा महाजन ने ठाकुर को वॉर्निंग दी कि भविष्य में ऐसी कोई हरकत व न करें.

स्पीकर के फैसले से खफा विपक्ष के सदस्यों ने सदन में हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्रवाई को कुछ देर के लिए स्थगित किया गया. जब सदन की दोबारा बैठक शुरू हुई तो कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे आसन से जानना चाहते थे कि ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है जबकि ऐसे ही मामले में भगवंत मान को दो सत्र के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया था.