नई दिल्‍ली/ अहमदाबाद: कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर गुजरात के अहमदाबाद में श्री जगन्‍नाथ मंदिर परिसर के अंदर ही रथयात्रा निकाली गई. दरअसल, हाईकोर्ट में रथयात्रा की अनुमति के लिए सोमवार को देर रात तक सुनवाई चली, लेकिन कोर्ट ने इसकी इजाजत इसलिए नहीं दी कि मंदिर प्रबंधन ने स्‍वयं ही कहा कि वह रथयात्रा को मंदिर परिसर में ही निकालेंगे. इसके बाद मंदिर के ट्रस्‍टी और महंत ने मंदिर परिसर के अंदर ही रथयात्रा को निकालने का फैसला किया है. Also Read - Corona Pandemic: PM मोदी ने 4 राज्‍यों के मुख्यमंत्रियों से कोविड-19 की स्थिति पर की बात

बता दें कि श्री जगन्नाथजी मंदिर ट्रस्ट द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित रथ यात्रा गुजरात के सबसे लोकप्रिय धार्मिक उत्सवों में से एक है. इस साल इसका आयोजन आज 23 जून को है. Also Read - Haryana Lockdown Extension: हरियाणा में लॉकडाउन बढ़ाया गया, सख्‍ती जारी

गुजरात के मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी मंगलवार को सुबह रथयात्रा के सिलसिले में श्री जगन्‍नाथ मंदिर पहुंचे और यहां पूजा में भाग लिया. उन्‍होंने कहा हाईकोर्ट में कल देर रात तक सुनवाई चली लेकिन कोविड-19 के चलते हमें रथयात्रा के लिए अनुमति नहीं मिली. मैं मंदिर के ट्रस्‍टी और महंत को स्थिति को समझने के लिए धन्‍यवाद देता हूं और मंदिर परिसर में रथयात्रा की व्‍यवस्‍था करने के लिए. Also Read - Lockdown Extended In Delhi: दिल्‍ली में लॉकडाउन एक हफ्ते बढ़ाया, CM केजरीवाल ने किया ऐलान

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर ट्वीट करते हुए कहा है, ”भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन-पुनीत अवसर पर आप सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं. मेरी कामना है कि श्रद्धा और भक्ति से भरी यह यात्रा देशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और आरोग्य लेकर आए. जय जगन्नाथ!

बता हाईकोर्ट की पीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया और कहा कि मंदिर के मुख्य पुजारी ने खुद मीडिया को बताया था कि 23 जून को भगवान जगन्नाथ और अन्य देवताओं के रथ को मंदिर परिसर के भीतर निकाला जाएगा ताकि भक्तों के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके. याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया था कि 23 जून की निर्धारित तिथि को जगन्नाथ मंदिर से प्रतीकात्मक रथ यात्रा निकालने की अनुमति दी जाए. याचिका में अनुरोध किया गया था कि इसमें सिर्फ
तीन पवित्र रथों के लिए अनुमति दी जाए और इसमें जनता की कोई भागीदारी नहीं हो और यह सबसे छोटे मार्ग से हो.

बता दे कि गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की खंडपीठ ने शनिवार को एक आदेश में रथ यात्रा से जुड़ी सभी धर्मनिरपेक्ष और धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगा दी थी.