लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या में ‘अयोध्या शोध संस्थान’ में कोदंड राम की प्रतिमा का अनावरण किया. इसके बाद उन्होंने दिगंबर अखाड़ा में अल्पाहार किया. मुख्यमंत्री योगी ने राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास के 81वें जन्मोत्सव समारोह का उद्घाटन भी किया. यह समारोह 14 जून तक चलेगा और 15 जून को एक धर्म संसद का आयोजन किया जा रहा है जिसमें राम मंदिर को लेकर रणनीति तय की जाएगी.

मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, सीएम योगी ने ‘कैरेबियन देशों की रामलीला यात्रा’, ‘अयोध्या की पुरातात्विक रिपोर्ट’, ‘थारुओं की कला एवं संस्कृति’ तथा ‘अवध की लोक चित्रकला’ पुस्तक का लोकार्पण किया. इस दौरान वह मूर्तिकारों, चित्रकारों एवं साहित्यकारों का सम्मान भी किया. इराक एवं होंडुरास के राजदूत द्वारा प्रेषित ‘राम की विश्व यात्रा’ सम्बन्धी अभिलेखों के फोल्डर इस अवसर पर उन्हें भेंट किए गए.

भ्रमण के अवसर पर मुख्यमंत्री अयोध्या के विकास कार्यो का निरीक्षण करेंगे. वह राम की पैड़ी, वहां निर्माणाधीन भजन स्थल, अयोध्या बस स्टेशन के निर्माण कार्य तथा गुप्तार घाट के सौंदर्यीकरण कार्य की प्रगति की जानकारी प्राप्त करेंगे.

ये है प्रतिमा की खासियत
– कर्नाटक के कावेरी कर्नाटक स्टेट आर्ट्स एवं क्राफ्ट इंपोरियम से 35 लाख में खरीदी गई है. इसलिए इसका कर्नाटक से कनेक्शन है.
– भगवान राम की यह प्रतिमा देखने में काफी आकर्षक है. इसे काष्ठ कला की एक दुर्लभ कृति माना जा रहा है.
– इस प्रतिमा को बनाने में करीब तीन साल से ज्यादा का समय लगा है.
– इसको राष्ट्रपति पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है.
– काष्ठ कला की दुर्लभ मूर्ति अयोध्या शोध संस्थान के शिल्प संग्रहालय में स्थापित की जाएगी.
– यह प्रतिमा सात फीट ऊँची है.
– दरअसल, इस मूर्ति कर्नाटक की कोदंड स्थापत्य कला के अनुसार बनाया गया है. इसलिए इसको कोदंड राम के नाम से पुकारा जा रहा है.