नई दिल्‍ली: पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने अपने बयानों में प्रियंका के पक्ष में तर्क देते हुए दिखाई दिए और अब खुलकर पार्टी के अंदर से ‘प्रियंका लाओ, कांग्रेस बचाओ’ का नारा निकले लगा है. ये नारा अविभाजित आंध्र प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हनुमंत राव ने हैदराबाद में मंगलवार को दिया है. पूर्व सांसद राव ने मांग की कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाए. उन्‍होंने कहा, प्रियंका लाओ, कांग्रेस बचाओ. राव ने कहा कि सिर्फ प्रियंका गांधी ही समूचे देश में कांग्रेस को फिर से खड़ा कर सकती हैं. राव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र मामले में उनकी हालिया सक्रियता से पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है.

बता दें क‍ि राहुल गांधी के 25 मई को कांग्रेस अध्यक्ष पद से अपने इस्तीफे की घोषणा के बाद अभी तक अध्‍यक्ष को लेकर कुछ भी तय नहीं हो पाने के बीच अब कांग्रेस के अंदर से ही गांधी परिवार की सदस्‍य प्रियंका गांधी वाड्रा के पक्ष में माहौल बनता हुआ दिखाई दे रहा है.

पहले पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस के सीनियर नेता शशि थरूर भी प्रियंका के नाम की पैरवी करते हुए बयान दे चुके हैं. कैप्‍टन ने कहा था, पार्टी की बागडोर अपने हाथों में लेने के लिए प्रियंका बिल्कुल सही पसंद होंगी. लेकिन यह पूरी तरह से कांग्रेस कार्य समिति पर निर्भर करता है. सीडब्ल्यूसी ही इस मामले पर फैसला लेने के लिए अधिकृत है.

अमरिंदर सिंह के बयान के बारे में पूछे जाने पर पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने सोमवार को कहा था, ‘ पार्टी उन मामलों पर अपनी सार्वजनिक राय रखती है, जो पार्टी के अंदरुनी मामले नहीं होते हैं. जहां तक पार्टी के अंदरुनी मामलों का संबंध है, उसके ऊपर हर कार्यकर्ता को, हर नेता को अधिकार है कि वो अपनी राय रख सकता है. ‘ उन्होंने कहा, ” कैप्टन अमरिन्दर सिंह जी ने और शशि थरूर जी ने अपनी राय व्यक्त की है. ये कांग्रेस में अंदरुनी लोकतंत्र होने का जीता-जागता उदाहरण है.’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के इस आकलन का भी समर्थन किया कि इस समय कांग्रेस की कमान किसी युवा नेता को सौंपी जानी चाहिए. थरूर ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव होने पर महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इसमें अपनी किस्मत आजमाने को लेकर फैसला करेंगी. लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि यह गांधी परिवार का फैसला होगा कि प्रियंका इस पद के लिए चुनाव लड़ेंगी या नहीं.

तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद ने कहा था, यह बिल्कुल सही बात है कि पार्टी के शीर्ष पद पर स्पष्टता की कमी संभवत: कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों को नुकसान पहुंचा रही है, इनमें से ज्यादातर पार्टी नेता की कमी महसूस करते हैं, जो अहम फैसलों को देखे, कमान संभाले और यहां तक कि पार्टी में नई जान फूंके और उसे आगे ले जाए.

पीटीआई से बातचीत में प्रियंका गांधी पार्टी का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्तता के सवाल इस पर थरूर ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि वह पार्टी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ेंगी. शशि ने कहा था कि उनके पास स्वाभाविक करिश्मा है, जो निश्चित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं तथा मतदाताओं को प्रेरित और एकजुट कर सकता है. उनकी इसी खूबी के कारण कई लोग उनकी तुलना उनकी दादी और पूर्व पार्टी अध्यक्ष दिवंगत इंदिरा गांधी से करते हैं. कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले चुनावों में उत्तर प्रदेश में काम करते हुए वह प्रभावशाली छाप छोड़ने के साथ ही संगठन में अनुभवी नेता के तौर पर उभरी हैं. (इनपुट: एजेंसी)