LPG यूजर्स को झटका, नहीं किया ये काम तो बंद होगी सप्लाई, सरकार ने सुनाया बड़ा फैसला
LPG Shortage India: सरका ने यह कदम अचानक नहीं उठाया, बल्कि एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करना है आइए जानते हैं नया गैस कानून क्या कहता है?
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ईरान-इजरायल जंग के कारण भारत में रसोई गैस यानी एलपीजी (LPG) की किल्लत देखने को मिल रही है. इस बीच, सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा मौजूद है. वहां अगर उपभोक्ता इसे नहीं अपनाते, तो उनकी घरेलू LPG सप्लाई बंद कर दी जाएगी. इस आदेश के तहत उपभोक्ताओं को PNG अपनाने के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा. अगर इसके बाद भी लोग पाइपलाइन गैस कनेक्शन नहीं लेते, तो उनके पते पर LPG सिलेंडर की आपूर्ति रोक दी जाएगी. हालांकि, जहां तकनीकी कारणों से PNG देना संभव नहीं है, वहां एनओसी के आधार पर LPG सप्लाई जारी रहेगी.
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का यह कदम अचानक नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़ा कारण है गैस नेटवर्क का तेजी से विस्तार और एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करना. पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे भारत में LPG की कमी का खतरा बढ़ा है. ऐसे में सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग PNG अपनाएं, ताकि LPG की बचत हो और उसे उन क्षेत्रों में भेजा जा सके जहां पाइपलाइन सुविधा नहीं है. इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी.
PNG क्यों है बेहतर ऑप्शन?
PNG को LPG के मुकाबले ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है. इसमें सिलेंडर बुक कराने या खत्म होने की चिंता नहीं रहती, क्योंकि गैस सीधे पाइपलाइन के जरिए घर तक लगातार पहुंचती रहती है. इसके अलावा PNG की सप्लाई सिर्फ आयात पर निर्भर नहीं होती, बल्कि इसमें घरेलू उत्पादन और अलग-अलग स्रोत शामिल होते हैं. यही वजह है कि सरकार इसे भविष्य का बेहतर और स्थिर विकल्प मान रही है.
जान लें नए नियम क्या है
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्राकृतिक गैस तथा पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026’ लागू किया है. इस आदेश का मकसद पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाना, मंजूरियों को आसान बनाना और PNG को बढ़ावा देना है. इसके तहत अधिकारियों को तय समयसीमा में अनुमति देनी होगी, वरना मंजूरी स्वतः मानी जाएगी. साथ ही, ज्यादा शुल्क लेने पर भी रोक लगाई गई है. आवासीय सोसायटी या गेटेड कॉलोनियों को भी 3 दिन के अंदर अनुमति देनी होगी और 48 घंटे में अंतिम कनेक्शन देना होगा.
लागू करने के लिए सख्त प्रावधान
इस नियम को लागू करने के लिए सरकार ने कई सख्त प्रावधान किए हैं. अगर कोई सोसायटी या संस्था पाइपलाइन बिछाने की अनुमति नहीं देती, तो उन्हें नोटिस दिया जाएगा और तीन महीने बाद वहां LPG सप्लाई बंद कर दी जाएगी. वहीं, अधिकृत कंपनियों को मंजूरी मिलने के चार महीने के भीतर पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू करना होगा, नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB) इस पूरे सिस्टम की निगरानी करेगा. कुल मिलाकर, सरकार इस कदम से PNG को तेजी से बढ़ाना और देश की गैस आपूर्ति को ज्यादा सुरक्षित और संतुलित बनाना चाहती है.
(इनपुट-एजेंसी के साथ)
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