नई दिल्लीः सर्जिकल स्ट्राइक के समय सेना के उत्तरी कमान के प्रमुख रहे लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीएस हुड्डा ने उन रिपोर्टों को खारिज किया है जिसमें कहा गया है कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली है. हुड्डा ने कहा कि मैंने कांग्रेस पार्टी नहीं ज्वाइन की है. गौरतलब है कि उरी में सेना के कैंप पर हमले और उसके बाद की गई सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त लेफ्टिनेट जनरल उत्तरी कमान के प्रमुख थे.

कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को कहा था कि लेफ्टिनेट जनरल हुड्डा राष्ट्रीय सुरक्षा पर पार्टी की ओर से गठित किए जा रहे कार्यबल की अगुवाई करेंगे. कांग्रेस हुड्डा के नेतृत्व में राष्ट्रीय सुरक्षा पर कार्यबल का गठन कर रही है जो देश के लिए दृष्टिपत्र तैयार करेगी.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीएस हुड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की जिस दौरान गांधी ने कार्यबल के नेतृत्व की पेशकश की जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया. उन्होंने कहा, “हुड्डा कार्यबल नेतृत्व करेंगे तथा विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श के साथ दृष्टिपत्र तैयार किया जाएगा.’

सर्जिकल स्ट्राइक के अगुवा डीएस हुड्डा को कांग्रेस ने दी बड़ी जिम्मेदारी, राष्ट्रीय सुरक्षा पर तैयार करेंगे विजन-पेपर

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने पार्टी अध्यक्ष के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा, ‘ एक मजबूत राष्ट्र और मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में कांग्रेस अध्यक्ष ने एक और सकारात्मक कदम उठाया है. लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) हुड्डा के अनुभव से देश को दूरगामी लाभ होगा.’

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीएस हुड्डा 29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान पर हुए सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त सैन्य कमांडर थे जो उत्तरी कमान का अगुआ होता है. सर्जिकल स्ट्राइक के समय वह अभियान की निगरानी कर रहे थे. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हुड्डा का एक बयान काफी सुर्खियों में रहा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस घटना को थोड़ा ज्यादा ही हाईप दिया गया और थोड़ा राजनीतिकरण हो गया..मगर सेना के लिहाज से कहें तो हमें इसको करने की जरूरत है और हमने उसे बखूबी अंजाम दिया.