लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सीएए के विरोध में प्रदर्शन करने वाले कई प्रदर्शनकारियों के फोटो और नाम वाले होर्डिंग लखनऊ में लगवा दिए हैं. इनमें कई सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं. सरकार का कहना है कि जिनकी तस्वीरें लगी हैं, वो उकसाने और तोड़फोड़ में शामिल थे, इसलिए इनसे वसूली की जायेगी. पूर्व आईजी एसआर दारा पुरी और एक्टिविस्ट सदफ़ ज़फर की भी तस्वीर इन होर्डिंग्स में हैं. लखनऊ जिला प्रशासन का कहना है कि इनसे  नुकसान की वसूली की जानी है, वरना घरों की कुर्की की जाएगी. इसे लेकर योगी सरकार पर विपक्ष हमलावर है. Also Read - कोरोना के बीच CBSE कराएगा एग्जाम, प्रियंका गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से कहा- ये चौंकाने वाला फैसला, परीक्षाएं रद्द हों

कांग्रेस ने योगी सरकार के इस कदम को ग़ैर क़ानूनी और अपने विरोधियों के चरित्र हनन की आपराधिक और षड्यंत्रकारी राजनीति बताया है. कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने कहा कि जिन कथित आरोपियों की जमानत पर सुनवाई के समय अदालत ने योगी सरकार और पुलिस को ही कटघरे में खड़ा किया था, जिनके ख़िलाफ़ सरकार कोई सुबूत भी नहीं दे पाई थी, उन उन लोगों के नाम का पोस्टर किसी अपराधी की तरह शहर में चस्पा करा दिए गए हैं. Also Read - Assam Assembly Election 2021: चुनाव के नतीजों से पहले ही कांग्रेस और AIUDF ने अपने उम्मीदवारों को भेजा राजस्थान

ऐसा कर सरकार ने ख़ुद अदालत की अवमानना की है. शाहनवाज़ आलम ने कहा कि अदालत को स्वतः ही इस मामले को संज्ञान लेना चाहिए. इस कदम से साबित होता है कि सरकार की न्याय प्रक्रिया में कोई आस्था नहीं है. सरकार आंदोलनकारियों की तस्वीरें, नाम और पता पोस्टर पर लगवाकर उनके ख़िलाफ़ गुंडों को उकसा रही है. इसलिए अदालत को चाहिए कि सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने कहा कि अगर इन लोगों या इनके परिजनों के ऊपर किसी भी तरह की हिंसा होती है तो इसके लिए सीधे सरकार ज़िम्मेदार होगी. Also Read - UP: रिटायर्ड IAS अफसर ने बेटे-बहू पर 24 लाख रुपए और सोने के गहनों की चोरी का केस दर्ज कराया

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि अगर ऐसा हो तो फिर गोरखपुर, आज़मगढ़, मऊ सिद्धार्थ नगर में जो दंगे और आगजनी हुए थे, उसके आरोप तो सरकार के मुखिया पर ही लगे हैं. इन दंगों में हुए करोड़ों के नुकसान की वसूली भी जानी चाहिए. बता दें कि समाजवादी पार्टी ने भी सरकार पर इसे लेकर निशाना साधा है. सपा ने भी पुराने दंगों की याद सरकार को दिलाई है.