नई दिल्ली: लखनऊ पुलिस की गोली के शिकार हुए एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक का परिवार सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला. विवेक की पत्नी कल्पना और साले विष्णु ने सीएम आवास में मुख्यमंत्री से मुलाकात की. सीएम से मुलाकात के बाद विवेक की पत्नी ने कहा कि सीएम ने मेरी बात ध्यान से सुनी और मदद का भरोसा दिलाया. मुझे राज्य सरकार पर पूरा भरोसा है.आज सीएम से मुलाकात के बाद यह विश्वास और बढ़ गया है. कल्पना ने कहा कि मेरी स्टैंड लेने की क्षमता खत्म हो गई है. सीएम से मुलाकात के बाद मुझे एहसास हुआ कि जो जिम्मेदारियां मेरे पति मुझपर छोड़ कर चले गए हैं शायद मैं उसे पूरा कर लुंगी.

योगी से पहले राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री कल्पना तिवारी से मुलाकात कर चुके हैं. योगी ने फोन पर उन्हें कहा था कि डिप्टी सीएम के जरिए वह किसी भी तरह की मदद मांग सकती हैं. डिप्टी सीएम से मुलाकात के बाद कल्पना तिवारी ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने से इनकार कर दिया था. एफआईआर पर विवाद के बाद अब विवेक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने फिर से केस दर्ज किया है.

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा था कि विवेक तिवारी हत्याकांड एक दुखद घटना है और उनकी सरकार ऐसी घटनाओं को भविष्य में स्वीकार नही करेगी. उन्होंने कहा कि इस मामले मे कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. मामले की जांच लखनऊ परिक्षेत्र के आई जी सुजीत पाण्डेय के नेतृत्व में एसआईटी को सौंपी गयी है. उन्होंने कहा था कि सरकार इस घटना की तह तक जाएगी और दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृति नहीं हो, इसके लिये आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं.

विवेक तिवारी का रविवार को बैकुंठधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया. इस मौके पर प्रदेश के कानून मंत्री बृजेश पाठक और क्षेत्रीय भाजपा विधायक आशुतोष टण्डन भी मौजूद थे. मालूम हो कि लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र में कथित तौर पर वाहन नहीं रोकने पर एक सिपाही ने विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी और संदीप के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों को बर्खास्त भी कर दिया गया है. तिवारी की पत्नी कल्पना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई से जांच की मांग की थी.. साथ ही सरकारी नौकरी और परिवार का भविष्य सुरक्षित करने के लिये एक करोड़ रुपये के मुआवजे की भी मांग की है.