Corona Virus: उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोरोना ने कहर बरपाया है. यहां पिछले  24 घंटे में कोविड-19 के कुल 831 नए मामले मिले हैं, जो कोरोना वायरस पॉजिटिव केस का अबतक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इस तरह से अब लखनऊ में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा अब 14,000 पार कर गया है. चिकित्सकों ने इस बारे में चिन्ता जाहिर की है और कहा है कि अगर तत्काल आवश्कयक कदम नहीं उठाए गए तो राज्य की राजधानी जल्द ही एक दिन में 1,000 अंक का आंकड़ा पार कर सकती है. Also Read - Parenting Tips: कोरोना वायरस से संक्रमित महिलाएं शिशु को ब्रेस्ट फीडिंग कराते समय जरूर करें ये काम

कोरोना संक्रमण के प्रसार की शुरूआत  11 मार्च से हुई थी जिसके बाद अबतक लखनऊ में 14,221 कोरोना मरीज मिले हैं, जिनमें से 42 प्रतिशत (6,043 मामले) मात्र अगस्त में दर्ज किए गए हैं. Also Read - Schools Reopen News: छह महीने बाद सबसे पहले खुलेंगे ये स्कूल, जोर-शोर से चल रही है तैयारी

वहीं जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित  लगभग 7,317 मरीज अबतक ठीक हो चुके हैं, लेकिन चूंकि ट्रांसमिशन दर रिकवरी रेट से अधिक है, इसलिए सक्रिय रोगियों की संख्या अभी तक 6,743 है। हालांकि एसिम्पटोमेटिक मरीजों को होम आइसोलेशन की सलाह दी गई है, क्योंकि एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पतालों पर दबाव अधिक है. Also Read - फिर सवालों के घेरे में रूस की कोरोना वैक्सीन Sputnik V, ट्रायल में दिखाई दिए ये साइड इफेक्ट

SGPGI के वरिष्ठ वायरोलॉजिस्ट और पूर्व प्रोफेसर T N ढोले ने कहा है कि मानसून के कारण वातावरण में नमी होने से भी वायरस का प्रसार अधिक हो रहा है। उन्होंने कहा, “ये वृद्धि जारी रहेगी और हम अगस्त के अंत तक रोजाना 1,000 से अधिक मामले मिल सकते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि कोरोना के प्रसारण की दर अक्टूबर में बढ़ जाएगी.”

विशेषज्ञों ने कोरोना के संक्रमण के बढ़ने के पीछे तीन मुख्य कारणों का हवाला दिया है- जिसमें पहला बरसात का मौसम, दूसरा सुरक्षा प्रोटोकॉल की लापरवाही और तीसरा है संपर्क ट्रेस में होनेवाली देर.

हालांकि, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद सिंह ने संपर्क ट्रेसिंग में ढिलाई से इनकार किया है. उन्होंने कहा, “अधिक मामलों का पता लगाया जा रहा है क्योंकि हमने अपनी परीक्षण क्षमता को बढ़ाकर 5,000 प्रतिदिन कर दिया है जो जुलाई की तुलना में दोगुना है।”

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिट, मेडिसिन हेड और कोविड यूनिट के प्रभारी, प्रो वीरेंद्र आतम ने कहा, “मैं प्रतिदिन शहर के भीड़-भाड़ वाले बाजारों में लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर लापरवाह और बगैर मास्क लगाए देखता हूं. हाथ की स्वच्छता की भी उपेक्षा की जा रही है, जो वायरस के प्रसार को बढ़ा रही है.”