अमरावती. चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) के कारण पहाड़ पर स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के कपाट शुक्रवार को शाम पांच बजे बंद हो जाएंगे. बता दें कि भारत में चंद्र ग्रहण 27 जुलाई की रात 11.54 बजे शुरू होकर 28 जुलाई की भोर 3.49 बजे तक रहेगा. बता दें कि देश भर के कई मंदिरों ने जानकारी दी है कि ग्रहण के छह घंटे पहले मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे.

परंपरा है कि ग्रहण के दौरान और उससे पहले सूतक शुरू होते ही मंदिरों के कपाट बंद हो जाते हैं. इस दौरान भगवान की पूजा भी नहीं की जाती है. ऐसे में मंदिर का मुख्य कपाट छह घंटे पहले 27 जुलाई को शाम 5 बजे ही बंद हो जाएगा. बता दें कि सूतक और ग्रहण के दौरान मंदिर द्वारा वितरित किए जाने वाला अन्नप्रसादम निरष्त रहेगा. इसके साथ ही अन्नप्रसादम कॉम्प्लेक्स भी शाम 5 बजे बंद हो जाएगा.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रहण और सूतक के कारण मंदिर में होने वाला अर्जिता सेवा, कल्याणोत्सवम, उंजल सेवा, वसंतोत्सवम और पूर्णामी गरूदा को कैंसिल कर दिया गया है. मंदिर का दरवाजा भोर में सुबह 4.15 बजे खुलेगा. इस दौरान सबसे पहले सुद्धि होगी और उसके बाद पुण्यवचानम होगा.

ग्रहण और सूतक को देखते हुए नादा नीराजनम प्लेफॉर्म पर शाम 3 से 5 बजे तक 20 हजार पैकेट प्रसाद वितरित किया जाएगा. शाम 5 बजे के बाद किसी तरह का प्रसाद नहीं वितरित किया जाएगा. भोजन का वितरण 28 जुलाई की सुबह 9 बजे से शुरू होगा.