नई दिल्ली. असम के कार्बी आंगलोंग जिले के पंजुरी कचरी गांव में एक बच्चे के अपहरण के शक में भीड़ ने दो युवकों की पीट-पीट कर हत्या कर दी. घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है और पुलिस के डर से युवक गांव छोड़कर भाग गए हैं. पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 9 पंजुरी कचरी गांव के और 6 उससे सटे गांवों के लोग हैं.

बताया जा रहा है कि रात 8 बजे के करीब अभिजित की गर्लफ्रैंड को एक फोन आया. वह फोन अभिजित पर कथित तौर पर हमला करने वालों में से एक का था. उसने कहा, ‘हमने उसे मार दिया है. तुम इसे सुबह के न्यूजपेपर में देख सकती हो.’ इसके कुछ देर बाद उसे कार्बीन आंगलोंग पुलिस स्टेशन से फोन आया, जिसमें बताया गया कि अभिजित की मौत हो गई है. उसके पार्थिव शरीर को रात में गुवाहाटी स्थिति उसके घर भेज दिया गया.

अगले साल करने वाला था शादी
उसके दोस्त ने कहा, अभिजित ज्यादा बोलता नहीं था, लेकिन वह अच्छा लड़का था. वह फूडी था और जानवरों को लेकर काफी उत्साही था. वह किस तरह से किसी बच्चे का अपहरण कर सकता है. मैंने उसकी मौत की घबर फेसबुक से पढ़ी. हममें से कोई सोच भी नहीं पा रहा कि इस बारे में कैसे बात की जाए. अभिजित के मां-पिता बेटे की मौत से शोकाकुल हैं. उसकी बहन के मुताबिक, वह अगले साल शादी करने वाला था. लेकिन, उन्हें उसकी लाश मिली. जिसने उसके चेहरे को चाकुओं से काट दिया था उन्हें पहचानना भी मुश्किल है.

बच्चे के अपहरण का आरोप
बता दें कि अभिजित नाथ और निलोत्पल दास काले रंग की एसयूपी में वारटफॉल से घूम कर जा रहे थे. शुक्रवार की शाम 7.30 बजे अफवाह उड़ी की एक काली रंग की कार में दो युवक एक बच्चे का अपहरण करके ले जा रहे हैं. ये अफवाह कंगथीलांगसा गांव से फोन के द्वारा फैली और जल्द ही आस-पास के गांवों में फैल गई.

गांव में खौफ
अभिजित नाथ के एक दोस्त ने बताया कि वह उसे 14 साल से जानता था. जब वह गुवाहाटी के लिटिल फ्लावर स्कूल में पढ़ता था. वह दोनों साल 2004 में 10वीं साथ थे. उसने कहा कि अभिजित के मौत की खबर फेसबुक से मिली थी. वहां उसे पता चला कि एक बच्चे के अपहरण के मामले में भीड़ ने उसे पीट-पीट कर मार डाला. अभिजित की बहन नम्रता ने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उसने उपनी गर्लफ्रैंड को शाम को 6 बजे कॉल किया था. उसने घर जल्दी आने का वादा किया था. लेकिन, आधे घंटे के बाद ही उसका फोन नॉच रीचबल जाने लगा.