मदुरै: मतभेद भुलाने का संकेत देते हुये एम के अलागिरी ने गुरुवार को कहा कि अगर उन्हें फिर से पार्टी में शामिल कर लिया जाता है तो वह अपने छोटे भाई और द्रमुक प्रमुख एम के स्टालिन का नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार हैं. स्टालिन के असंतुष्ट बड़े भाई ने बताया कि ना तो उन्हें और ना ही उनके बेटे दुरई दयानिधि को पार्टी में किसी पद की लालसा है. Also Read - एम. के. अलागिरी की धमकी के बीच एम.के.स्टालिन डीएमके के अध्यक्ष चुने गए

यह पूछे जाने पर कि अगर उन्हें फिर से पार्टी में शामिल कर लिया जाता है तो क्या वह अपने छोटे भाई का नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार हैं, अलागिरी ने कहा, ‘‘जब हम पार्टी में शामिल होने की इच्छा रखते हैं तब हम निश्चित रूप से (स्टालिन) का नेतृत्व स्वीकार करेंगे.’’

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पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने स्पष्ट रूप से स्टालिन की ओर इशारा करते हुये कहा कि वह शीर्ष पार्टी नेतृत्व के साथ काम करने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि वह और उनके समर्थक इसे दोहरा चुके हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम पार्टी में शामिल होने और साथ काम करने के लिए तैयार हैं, वे हमें वापस नहीं ले रहे हैं.’’

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उन्होंने कहा कि अगर उन्हें और उनके समर्थकों को वापस नहीं लिया जाता है तो ऐसी परिस्थितयों में अगले महीने आयोजित होने वाली रैली के बाद आगे के कदम के बारे में फैसला किया जाएगा. उन्होंने कहा कि नेताओं के साथ सलाह-मशविरा के बाद भविष्य की कार्रवाई के बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा.

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बता दें कि एम करुणानिधि की मृत्‍यु के बाद एम के स्‍टालिन को द्रमुक का नया अध्‍यक्ष चुना गया है. पार्टी से बाहर चल रहे अलागिरि ने पहले स्‍टालिन के नेतृत्‍व को चुनौती दी थी. अध्‍यक्ष पद के लिए चुनाव से पहले उन्‍होंने धमकी दी थी कि उन्‍हें पार्टी में वापस नहीं लिया गया तो पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.