नई दिल्ली: तमिलनाडु विधानसभा सचिवालय में स्वीपर और सैनिटरी वर्कर के लिए निकाली गई वैकेंसी के लिए एम.टेक, बी.टेक, एमबीए और पोस्ट ग्रेजुएट और ग्रेजुएट की पढ़ाई करने वाले लोगों ने आवेदन किया है. कई डिप्लोमा धारक भी स्वीपर (10 पद) और स्वच्छता कार्यकर्ता (4 पद) के पदों के आवेदन करने वालों में शामिल हैं. 26 सितंबर 2018 को विधानसभा सचिवालय ने इन पदों के लिए आवेदन मांगे थे. एकमात्र योग्यता यह थी कि इच्छुक उम्मीदवारों को फिट और हेल्दी होना चाहिए. न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष और अधिकतम आयु अलग-अलग थी. रोजगार कार्यालय को कुल 4,607 आवेदन प्राप्त हुए थे. इसमें से 677 आवेदकों को खारिज कर दिया गया जबकि शेष ने पात्रता मानदंड को पूरा किया.

’13 हजार करोड़ रुपये’ लॉक रखने वाले शख्स की भारत में मौत, पासवर्ड के लिए कोर्ट पहुंची पत्नी

बता दें कि राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एनएसएस) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017-18 में देश में बेरोजगारी दर 45 साल में सर्वाधिक थी, हालांकि यह रिपोर्ट प्रकाशित नहीं हुई और राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (एनएससी) के दो सदस्यों ने इसके विरोध में मंगलवार को इस्तीफा दे दिया. सरकार ने रिपोर्ट जारी करने से रोक ली है, मगर दैनिक अखबार ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ को यह रिपोर्ट मिली है, जिसके अनुसार, 2017-18 में देश में बेरोजगारी दर 6.1 फीसदी थी, जोकि 1972-73 के बाद सर्वाधिक है.

कृषि मंत्री ने बताया-2015 में हर दिन 23 किसानों ने की आत्महत्या, उसके बाद का डेटा आधिकारिक नहीं

एनएससी के कार्यवाहक प्रमुख पी. सी. मोहनन और उनकी सहकर्मी जे. मीनाक्षी आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पिछले साल दिसंबर में बेरोजगारी के आंकड़ों के प्रकाशित नहीं होने से दुखी थे. रोजगार के आवधिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के नतीजे इसलिए महत्व रखती है क्योंकि माना जाता है कि आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी के फैसले लिए जाने के बाद यह रोजगार को लेकर किया गया पहला व्यापक सर्वेक्षण है. एनएसएस की रिपोर्ट के अनुसार, शहरी इलाकों में बेरोजगारी की दर 7.8 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र में 5.3 फीसदी थी. साथ ही, अधिक लोगों को कार्यबल से निकाला गया क्योंकि पिछले कुछ सालों की तुलना में श्रम शक्ति की भागीदारी निम्न स्तर पर थी.

चेन्नई के रेस्टोरेंट में महिला रोबोट बोलेगी MAY I HELP YOU SIR, पुरुष रोबोट परोसेंगे खाना

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्षो की तुलना में 2017-18 में युवाओं की बेरोजगारी कुल आबादी के मुकाबले काफी ऊंचे स्तर पर थी. इस्तीफे की खबर मीडिया में आने के बाद सरकार ने बुधवार को कहा कि एनएससी के दो सदस्यों ने पिछले कुछ महीनों से आयोग की बैठकों में अपनी किसी प्रकार की चिंता जाहिर नहीं की थी. सांख्यिकी व कार्यक्रम अनुपालन मंत्रालय ने कहा कि वह न सिर्फ आयोग का काफी आदर करता है, बल्कि उसकी सलाह भी उसके लिए महत्व रखती है, जिसके अनुसार, उचित कदम उठाए जाते हैं.

इसरो ने अपने 40वें संचार उपग्रह जीसैट-31 को सफलता पूर्वक किया लॉन्च

हालांकि केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को ‘रोजगारहीन आर्थिक वृद्धि’ को लेकर हो रही आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्ष में कोई बड़ा सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन ना होना, इस बात की ओर इशारा करता है कि सरकार की योजनाओं से रोजगार का सृजन हुआ है. जेटली ने एक फरवरी को पेश अंतरिम बजट में रोजगार सृजन की बात का प्रमुखता से उल्लेख नहीं होने को उचित ठहराया. उन्होंने कहा कि अंतरिम बजट सामान्य बजट भाषण से अलग होते हैं क्योंकि उनमें प्राय: ‘रिपोर्ट कार्ड और भविष्य की रूपरेखा’ होती है.