नई दिल्ली| पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ पीएम नरेंद्र मोदी की कथित टिप्पणी को लेकर आज भी राज्यसभा में कांग्रेस सदस्यों ने जमकर हंगामा किया. आज बैठक शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया. इसके कारण शून्यकाल शुरू करने के बाद ही कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. सभापति वेंकेया नायडू ने सदन में साफ कर दिया कि कोईमाफी नहीं मांगेगा क्योंकि टिप्पणी सदन में नहीं की गई थी. प्रधानमंत्री से माफी की मांग कर रहे कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण उच्च सदन में शून्यकाल बाधित रहा. पहले सदन 12 बजे तक स्थगित रहा दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर फिर हंगामा मचा जिस पर सदन को 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा. Also Read - कांग्रेस ने सामूहिक पलायन पर सरकार से पूछे सवाल, कहा- गरीबों की जिंदगी मायने रखती है या नहीं

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सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखवाए. इसके बाद उन्होंने जैसे ही शून्यकाल शुरू करने को कहा, कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, रिपुन बोरा और रजनी पाटिल सहित कुछ सदस्यों ने कहा कि उन्होंने कामकाज स्थगित करने के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया है. इन सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी का मुद्दा उठाया और कहा कि प्रधानमंत्री को सदन में आकर माफी मांगनी चाहिए. कुछ सदस्य अपनी मांग के पक्ष में नारे लगाते हुए आसन के समक्ष आ गए. Also Read - केजरीवाल ने लोगों को गीता पाठ करने की दी सलाह, कहा- गीता के 18 अध्याय की तरह लॉकडाउन के बचे हैं 18 दिन 

नायडू ने इन सदस्यों से अपने स्थानों पर लौट जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि आपका यह आचरण उचित नहीं है, कोई भी माफ़ी नहीं मांगेगा, वह टिप्पणी सदन में नहीं की गई थी.उन्होंने आगे कहा कि यह तरीका नहीं है. यह संसद है. लोगों के बीच गलत संदेश जाएगा. अपनी सीमा पार न करें और अपने स्थानों पर लौट जाएं. Also Read - यूपी: रायबरेली में सोनिया गांधी के 'लापता' होने के लगे पोस्टर, संसदीय क्षेत्र से बाहर होने पर उठे सवाल

सभापति ने यह भी कहा कि विभिन्न राज्यों के महत्वपूर्ण मुद्दे शून्यकाल के तहत उठाए जाने हैं। उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से पूछा कि क्या आपके लिए मुद्दे महत्वपूर्ण नहीं हैं ?