Madame Tussaud Museum: दिल्ली में मैडम तुसाद म्यूजियम को पर्यटकों के लिए अब बंद किया जा रहा है. कन्नॉट प्लेस पर स्थित यह म्यूजिम हमेशा से ही लोगों के बीच चर्चा का केंद्र रहा है. आखिरी बार यह म्यूजियम खूब चर्चा में तब आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इसमें प्रतिमा लगाई गई. लेकिन अब ब्रिटेन की कंपनी मर्लिन एंटरटेनमेंट्स इस बात की पुष्टि कर सकती है कि भारत स्थित इस म्यूजिम को बंद किया जाएगा. हालांकि मर्लिन एंटरटेनमेंट्स इंडिया के महाप्रबंधक और निदेशक अंशुल जैन ने इस बात की पुष्टि टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में की है. Also Read - 1400 अंग्रेजी मीडियम स्कूलों ने बंद की Online Classes, अभिभावकों के पास नहीं है फीस का पैसा

इस बाबत जैन का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण अस्थायी तौर पर इस म्यूजियम को लोगों के लिए बंद कर दिया गया था. लेकिन मैडम तुसाद की लोकप्रियता कायम है. उन्होंने बताया कि दिल्ली के मौसम के अनुकूल न होने के कारण कंपनी नए विकल्प तलाश रही है. Also Read - पीएम नरेंद्र मोदी पर राहुल गांधी का कटाक्ष, बोले केंद्र ने अर्थव्यवस्था पर किया हमला

बता दें कि जिस बिल्डिंग में ये म्यूजियम बनाया गया था, इस बिल्डिंग के मालिक विक्रम बक्शी का कहना है कि मैडम तुसाद म्यूजियम का बंद होना दिल्ली का बड़ा नुकसान है. इस म्यूजियम के कारण दिल्ली में बड़े स्तर पर पर्यटक घूमने आते हैं. हालांकि बक्शी ने बताया कि महामारी के दौरान और लॉकडाउन के दौरान रेंट में छूट देने की बात हुई थी, लेकिन कंपनी अब भारत से जाने का अपना मन बना चुकी है. Also Read - पाक पीएम इमरान खान आर्थिक तंगी से बेहाल, सऊदी अरब और तुर्की को खुश करने मे जुटा पाकिस्तान

बता दें कि इस म्यूजियम को बंद किए जाने और इसे शिफ्ट करने के पीछे कारण आर्थिक तंगी को माना जा रहा है. अबतक यह म्यूजियम रीगल बिल्डिंग में दो मंजिलों पर चलाया जा रहा था. लेकिन पुतलों के रखरखाव में काफी खर्चा आने के कारण आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ रहा है. साथ ही मोम के पुतलों को एक निश्चित तापमान पर रखना अनिवार्य है. ऐसे में एयरकंडीशनर का भी इस्तेमाल किया गया जो कि बार बार खराब होते और फिर मोम की पुतलों की रखरखाव में भारी खर्चा आने से कंपनी को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.