लखनऊ. उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी के बयान पर पलटवार करते हुए एआईएमएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने हमला् बोला है. उन्होंने कहा कि वसीम रिजवी एक अवसरवादी शख्स है और उन्होंने अपनी आत्मा को आरएसएस के हाथों बेच दिया है. वसीम रिजवी ने मदरसों को खत्म करने का बयान दिया था. Also Read - लोनी में बुजुर्ग की पिटाई के Video का मामला: गाजियाबाद पुलिस ने Twitter India के MD को भेजा लीगल नोटिस

असदुद्दीन ओवैसी ने वसीम रिजवी पर तंज कसते हुए कहा कि मै उन्हें चैलेंज करता हूं. अगर उनके पास एक भी सबूत है कि मदरसों में कट्टरपंथ की शिक्षा दी जाती है तो  गृहमंत्री के सामने पेश करना चाहिए. वहीं अब ये बयान तूल पकड़ने लगा है.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखते हुए बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी ने दावा किया कि मदरसों से लगातार कट्टरपंथी बनकर बाहर निकल रहे हैं. ऐसे बच्चे सर्व समाज से दूर हो रहे हैं. उन्होंने पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखते हुए उन्हें मुख्य धारा की शिक्षा से जोड़ने का प्रयास होना चाहिए.

वसीम रिजवी ने पत्र में लिखा कि कितने मदरसों ने डॉक्टर, इंजिनियर और आईएएस अफसर बना रहे हैं. लेकिन कुछ मदरसे ऐसे हैं बच्चों को मुख्यधारा से भ्रष्ट कर के आतंकवादी जरुर बना रहे हैं. उन्होंने पत्र में लिखा आज प्राइवेट स्केटर में मदरसे की डिग्रियां मान्य नहीं होती हैं. ऐसे में उन्हें रोजगार का बेहतरीन लाभ नहीं मिल पाता है.

खत्म हो सकती है 2300 मदरसों की मान्यता

गौरलतब हो कि उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के वेब पोर्टल पर अपना ब्यौरा नहीं देने वाले करीब 2300 मदरसों की मान्यता खत्म होने की कगार पर है. राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने ऐसे मदरसों को फर्जी माना है. प्रदेश में 19 हजार 108 मदरसे राज्य मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं. उनमें से 16 हजार 808 मदरसों ने पोर्टल पर अपना ब्योरा फीड किया है. वहीं, करीब 2300 मदरसों ने अपना विवरण नहीं दिया है. जिनके उपर गाज गिर सकती है.