नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में हार के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इससे पहले उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी हार स्वीकार करते हुए कांग्रेस को जीत की बधाई दी. अपना इस्तीफा सौंपने के बाद शिवराज सिंह ने दूसरी बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की. शिवराज सिंह के साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह भी मौजूद थे. राकेश सिंह ने कहा कि भले ही बीजेपी की हार हुई हो, लेकिन कांग्रेस को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी वोट शेयर के मामले में कांग्रेस से कम नहीं है. उन्होंने कहा कि केवल संख्या में पिछड़ने के कारण जनता की सेवा में कोई कमी नहीं आने वाली है. Also Read - Rajasthan Latest News: सचिन पायलट समर्थक MLA गजेंद्र सिंह शक्तावत का निधन, CM गहलोत ने जताया शोक

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राकेश सिंह ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है इसलिए हमने सोचा कि राजनतीक दल होने के नाते हमें भी सरकार बनाने का प्रयास करना चाहिए, लेकिन फिर हमने सोचा कि कुछ बातें हमें आने वाले वक्त के लिए छोड़ देनी चाहिए. इसलिए हमने सरकार बनाने का दावा पेश करने का विचार छोड़ दिया. उन्होंने कहा कि हमें शिवराज सिंह चौहान पर गर्व है. शिवराज सिंह के नेतृत्व में राज्य ने विकास किया है. लोकतंत्र में यही माना जाता है कि जिनके पास बहुमत है उसी की सरकार बननी चाहिए. उन्होंने कांग्रेस को जीत की बधाई दी. इस मौके पर उन्होंने बीजेपी के कार्यकर्ताओं को उनकी मेहनत के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता जनता की सेवा में खड़ा रहेगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस ने जो वादा किया है उसपर खरी उतरेगी.

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कार्यवाहक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 13 सालों में मैंने राज्य को आगे बढ़ाने का काम किया. 13 सालों में मिले असीम प्रेम के लिए जनता का धन्यवाद. उन्होंने कहा कि अंतरआत्मा से मैंने सीएम बनकर नहीं परिवार का सदस्य बनकर सरकार चलाने की कोशिश की. जब बीजेपी ने सरकार संभाली थी सड़क, बिजली पानी के मुद्दे मुंह बाए खड़े थे. हमने इसपर काम किया.

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उन्होंनें सिंचाई का जिक्र किया और अपनी उपलब्धियां गिनाई. शिवराज ने कहा कि प्रदेश को बेहतर स्थिति में लाने के लिए हमने कड़ी मेहनत की. उन्होनें कई योजनाओं का जिक्र किया और बीजेपी सरकार के काम गिनाए और कहा कि जितनी क्षमता मुझमें थी मैंने जनता की सेवा की. शिवराज सिंह ने कहा कि 13 सालों में जाने अनजाने में अगर मेरे शब्दों से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा चाहता हूं. इस चुनाव में कार्यकर्ताओं ने कड़ी मेहनत की. केंद्रीय नेतृत्व ने साथ दिया.

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राकेश सिंह के बाद शिवराज सिंह ने वोट प्रतिशत का जिक्र किया और कहा कि पिछले चुनाव की तुलना में हमें वोट प्रतिशत ज्यादा मिला लेकिन सीटें घट गईं. यह सच है कि हमें बहुमत नहीं मिला है. उन्होंने हार की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि इतने सहयोग के बाद अगर हम उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं पाए तो इसमें दोष मेरा है. उन्होंने कहा कि हमारे पास संख्याबल नहीं है इसलिए बीजेपी ने सरकार बनाने का प्रयास नहीं किया. शिवराज ने कहा कि नई सरकार को जनता के हित के लिए बनाई गई योजनाओं को आगे बढ़ाना चाहिए. लोकतंत्र में व्यक्ति आएंगे-जाएंगे, जनता अपनी पसंद चुनती है. लेकिन लोगों के कल्याण की योजना नहीं बदलनी चाहिए.

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उन्होंने कांग्रेस को 10 दिन में कर्जमाफी का वादा याद दिलाते हुए कहा कि राहुल गांधी ने कहा था कि 10 दिन में कर्जमाफ नहीं हुआ तो सीएम बदल देंगे. मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस ने जनता से जो वादा किया वो निभाएगी. विपक्ष मजबूत है जो दायित्व मिला है जनता की ओर से उसे हम निभाएंगे. शिवराज ने कहा कि चौकीदारी करने की जिम्मेदारी हमारी है. शिवराज ने कहा कि विपक्ष का नेता पार्टी तय करेगी लेकिन नेता तो हम हैं ही.