नई दिल्लीः मध्य प्रदेश के मुख्यमत्री कमलनाथ ने मंगलवार को अपनी कैबिनेट का विस्तार किया. विस्तार के बाद उनकी कैबिनेट में अब 28 सदस्य हो गए हैं. लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान नेपथ्य में रहने वाले पूर्व सीएम दिग्विज सिंह ने इस कैबिनेट विस्तार में बड़ा ‘खेल’ किया है. दिग्विजय ने कमलनाथ की कैबिनेट में अपने बेटे 32 वर्षीय बेटे जयवर्धन सिंह को तो जगह दिलाई ही है. वह अपने रिश्तेदार प्रियव्रत सिंह को भी मंत्री बनवाने में कामयाब हुए हैं. जयवर्धन, कमलनाथ कैबिनेट के सबसे युवा मंत्री हैं. इतना ही नहीं इस 28 सदस्यीय कैबिनेट में दो-तिहाई मंत्री ऐसे हैं जो दिग्विजय या फिर कमलनाथ के विश्वासपात्र रहे हैं. कुल मिलाकर चुनाव के दौरान राज्य में कांग्रेस के युवा चेहरा रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया इस विस्तार में पर्याप्त संख्या में ‘अपने लोगों’ को जगह दिलाने में असफल रहे हैं.

कमलनाथ के कैबिनेट में राज्य की राजनीति में खास अहमियत रखने वाले मालवा-निमाड़ क्षेत्र से 9 विधायकों को मंत्री बनाया गया है. इसके अलावे कांग्रेस में शामिल हुए चार निर्दलीय विधायकों में से एक प्रदीप जायसवाल को भी मंत्री पद मिला है. हालांकि, राज्य में कांग्रेस की सरकार को समर्थन दे रहे बसपा व सपा के तीनों विधायक कमलनाथ कैबिनेट से बाहर हैं. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद कलमनाथ और उनके मंत्रियों की भोपाल कांग्रेस मुख्यालय में दिग्विजय सिंह के साथ एक बैठक भी हुई.

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जातीय समीकरण साधने की कोशिश
चार माह बाद होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कमलनाथ के मंत्रिमंडल में जातीय गणित को भी साधने की कोशिश की गई है. इसमें 28 सदस्यीय मंत्रिमंडल में 8 ठाकुर, 9 एससी/एसटी, 5 ओबीसी और 2 ब्राह्मण को मंत्री बनाया गया है. कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि राज्य के सभी क्षेत्रों से युवा और अनुभवी नेताओं को मंत्री बनाया गया है. इनमें से 22 को पहली बार मंत्री बनाया गया है.

मध्य प्रदेश की राजनीति के जानकारों का कहना है कि इन 28 में से 21 मंत्री कलमनाथ या फिर दिग्विजय सिंह के विश्वासपात्र हैं. ज्योतिरादित्य खेमे से केवल 7 विधायकों को मंत्री बनाया गया है. इसमें में सिंधिया के ग्वालिया-चंबल क्षेत्र से 5 विधायकों को मंत्री पद दिया गया है. विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया था. ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की 34 में 26 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है. सिंधिया के समर्थक और ग्वालियर के डाब्रा से विधायक इमरती देवी को भी मंत्री बनाया गया है. कमलनाथ कैबिनेट में दो महिला हैं. भोपाल (नॉर्थ) के विधायक आरिफ अकील को भी मंत्री बनाया गया है. इसके अलावा कमलनाथ के समर्थक सज्जन सिंह वर्मा और तरुण भनोट भी मंत्री बनाया गया है.

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कांग्रेस के बड़े नेता अजय सिंह, सुरेश पचौरी और अरुण यादव के चुनाव हार जाने की वजह से कैबिनेट पर कमलनाथ की मजबूत पकड़ रहने की संभावना है. वैसे अरुण यादव के भाई सचिन यादव को मंत्री बनाया गया है जबकि कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे स्वर्गीय अर्जुन सिंह के बेटे अरुण सिंह को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की चर्चा है.