नई दिल्लीः तीन राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में लंबे चौड़े वादे के साथ सत्ता में आ रही कांग्रेस के सामने इन वादों को निभाने की चुनौती है. कुछ ही माह में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में सरकार बनने के साथ पार्टी पर इन वादों को तुरंत ही निभाने का दबाव है. चुनावी जानकारों का कहना है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी को इन वादों को निभाने में खजाने पर 41 हजार करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा. दूसरी तरफ राज्यों खासकर राजस्थान और मध्य प्रदेश की स्थिति खराब है. राजस्थान में कांग्रेस को वादों को पूरा करने के लिए सरकार बनाने के तुरंत बाद 22 हजार करोड़ रुपये और मध्य प्रदेश में 16 हजार करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में उसे तीन हजार करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी.Also Read - Omicron Update: राजस्थान के 9 Omicron संक्रमितों में नहीं दिखा कोई लक्षण, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग जारी

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दूसरी तरफ राजस्थान पर पिछले 10 साल में कर्ज का बोझ बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये हो गया है. बजट एनालसिस राजस्थान सेंटर (Budget Analysis Rajasthan Centre) के एक शोध के मुताबिक 2018 में यह कर्ज बढ़कर 2,78,132 करोड़ रुपये हो जाएगा. अगले साल इस कर्ज में 14 फीसदी की वृद्धि होगी. इसी तरह मध्य प्रदेश पर कर्ज का बोझ 1,87,637 करोड़ रुपये है. शिवराज सरकार में राज्य के वित्त मंत्री रहे जयंत मालवीय ने हाल ही में कहा था कि राज्य के हर नागरिक पर 23,454 रुपये का कर्ज है. Also Read - MP Panchayat Chunav: बीजेपी और कांग्रेस में इन मुद्दों पर हो रही तकरार, 'आरक्षण' ने बढ़ाई सरगर्मी

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संभवतः छत्तीसगढ़ एक मात्र राज्य है जिसकी आर्थिक सेहत ठीक है. चालू वित्त वर्ष में राज्य का जीडीपी करीब 3.26 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. पिछले वित्त वर्ष में राज्य में जीडीपी विकास दर 6.7 फीसदी रहा. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीनों राज्यों में सरकार बनने के 10 दिन के भीतर किसानों के लोन माफ करने और कई अन्य लोक लुभावने वादे किए हैं.

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राजस्थान में किसानों के एक लाख रुपये तक के लोन को माफ करने के लिए 22 हजार करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी. भाजपा के प्रवक्त गौरी शंकर श्रीवास का कहना है कि कांग्रेस ने बिजली के बिल को आधा करने और धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपये क्विंटल करने की घोषणा की है. वैसे समर्थन मूल्य की घोषणा केंद्र सरकार करती है और इस समय धान का समर्थन मूल्य 1750 रुपये प्रति क्विंटल है. कांग्रेस ने यह भी वादा किया है कि वह एक साल के भीतर मध्य प्रदेश में विधान परिषद का गठन करेगी. देश के 29 राज्यों में से केवल सात में इस समय विधान परिषद हैं. ये राज्य हैं यूपी, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, बिहार और जम्मू एवं कश्मीर.