भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल का गठन किया. राजभवन में एक कार्यक्रम में गवर्नर आनंदीबेन पटेल ने मंत्रियों को शपथ दिलाई. कमलनाथ की टीम में 13 कैबिनेट मंत्री और 15 राज्यमंत्री शामिल हो गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15 में से 5 को स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से चर्चा के बाद मंत्रिमंडल का गठन हुआ है. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह को भी मंत्री बनाया गया है.

टीम कमलनाथ में 15 ऐसे विधायक हैं जो पहली बार मंत्री बने. वहीं, 55 नए चेहरे में से किसी को भी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है. एक निर्दलीय के अलावा तीन महिलाएं और एक मुस्लिम विधायक को भी मंत्री बनाया गया है. बता दें कि इससे पहले 17 दिसंबर को कमलनाथ ने सीएम पद की शपथ ली थी. मालवा-निमाड़ से सबसे ज्यादा 8 और विंध्य से सबसे कम 2 ही मंत्री बने हैं.

इन्होंने ली शपथ
विजय लक्ष्मी साधौ, सज्जन सिंह वर्मा, हुकुम सिंह कराड़ा, गोविंद सिंह, बाला बच्चन, आरिफ अकील, बृजेंद्र सिंह राठौर, प्रदीप जायसवाल (निर्दलीय), लाखन सिंह यादव, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, इमरती देवी, ओमकार सिंह मरकाम, डॉ. प्रभुराम चौधरी, प्रियव्रत सिंह, सुखदेव पानसे, उमंग सिंघार, हर्ष यादव, जयवर्धन सिंह, जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, लखन घनघोरिया, महेंद्र सिंह सिसोदिया, पीसी शर्मा, प्रद्युम्न सिंह तोमर।

121 विधायकों का समर्थन
मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए 28 नवंबर को मतदान हुआ था और 11 दिसंबर को आए चुनाव परिणाम में प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस को 114 सीटें मिलीं. कांग्रेस ने बसपा के दो, सपा के एक और चार अन्य निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई है. उसे फिलहाल 121 विधायकों का समर्थन हासिल है. वहीं, भाजपा को 109 सीटें मिली हैं.