भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की एक स्थानीय अदालत ने अमेरिकी कंपनी फेसबुक और इसके सीईओ मार्क जकरबर्ग को समन जारी करके 20 जून को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं. भोपाल जिला अदालत के सिविल न्यायाधीश पार्थशंकर मिश्र ने स्टार्टअप कंपनी ‘द ट्रेड बुक’ के संस्थापक स्वप्निल राय की याचिका की सुनवाई के बाद यह समन जारी किया है. याचिकाकर्ता ने याचिका में आरोप लगाया है कि सोशल नेटवर्किंग की जानीमानी कंपनी फेसबुक उसके कारोबार में हस्तक्षेप करके समस्या पैदा कर रही है. Also Read - 2015 से था लापता, अब लाहौर की जेल से छूटकर घर पहुंचा अनिल...

मिश्र ने 23 अप्रैल को अपने आदेश में कहा, ‘‘जकरबर्ग इस मामले में मेरी अदालत में जवाब देने के लिए 20 जून 2018 को पेश हों.’’ न्यायाधीश ने निर्देश दिए हैं कि इन समनों को ई-मेल के जरिए तामील कराया जाए. राय के वकील रविकांत पाटीदार ने शुक्रवार को बताया कि मेरे मुवक्किल स्वप्निल राय पोर्टल ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.द ट्रेड बुक.ओआरजी’ चलाता है. उसने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर मुकदमा दायर किया है. राय ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि फेसबुक ने उसके कारोबार को प्रमोट करने वाले ‘पेड एडवरटिजमेंट कैंपेन’ को बीच में ही रोक दिया है. इस याचिका की सुनवाई पर अदालत ने जकरबर्ग को समन जारी किया है. Also Read - दमोह में आकाशीय बिजली गिरने से 7 की मौत, शिवराज, कमल नाथ ने जताया शोक

पाटीदार ने कहा कि यह कैंपेन इस साल 14 अप्रैल से 21 अप्रैल तक चलाई जानी थी लेकिन फेसबुक ने इसे अचानक अनुचित तरीके से 16 अप्रैल को ही रोक दिया. उन्होंने बताया कि इस कैंपेन का मकसद वेबसाइट ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.द ट्रेड बुक.ओआरजी’ को प्रमोट करना था. पाटीदार ने कहा कि ‘द ट्रेड बुक’ के जरिए मेरे मुवक्किल राय एक यूनीक कंसेप्ट पर काम कर रहे हैं, जिसे ‘ट्रेड फीड’ का नाम दिया गया है, जो भारतीय ट्रेड मार्क एवं पेटेंट आफिस में रजिस्टर्ड मार्क है. Also Read - केन्द्र ने अदालत से कहा- हमारा कानून, समाज और मूल्य समलैंगिक विवाह को मान्यता नहीं देते हैं

उन्होंने बताया कि मेरे मुवक्किल ने अपनी याचिका में कहा है कि जब उसका कारोबार समूचे विश्व में बढ़ रहा था और उसे फायदा हो रहा था, उसी वक्त फेसबुक ने बिना कोई कारण बताए उसके ‘पेड कैंपेन’ को अनुचित तरीके से बाधित कर दिया.

उन्होंने कहा कि इस सिविल मुकदमे में मांग की गई है कि फेसबुक को ‘द ट्रेड बुक.ओआरजी’ के व्यापार में हस्तक्षेप करने एवं ट्रेड मार्क में उल्लंघन करने से रोका जाए. पाटीदार ने बताया कि इसके अलावा, इसमें मांग की गई है कि ‘द ट्रेड बुक.ओआरजी’ पेज को फेसबुक द्वारा दुबारा चालू किया जाए तथा फेसबुक यह सुनिश्चत करे कि सही व्यापार प्रभावित नहीं हो.

याचिकाकर्ता राय ने कहा, ‘‘मैं मार्क जकरबर्ग को बहुत सम्मान देता हूं, जकरबर्ग ने फेसबुक के जरिए लोगों को जोड़कर महत्वपूर्ण काम किया है लेकिन अपनी शिकायतों को दूर करने के लिए मेरे पास अदालत का दरवाजा खटखटाने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं था.’’

(इनपुट: एजेंसी)