भोपाल/ग्वालियरः मध्य प्रदेश में एक दिन बाद यानी बुधवार को होने जा रहे मतदान से पहले अब सभी दिग्गज नेता अपने-अपने पारिवारिक गढ़ों में सिमटते दिख रहे हैं. राज्य में भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर की व्यक्त की जा रही संभावनाओं के बीच दोनों दल एक दूसरे के महारथी को घेरने में जुटे हैं. तभी तो प्रचार के अंतिम दिन सोमवार सभी प्रमुख पारंपरिक सीटों पर दिग्गज नेता प्रचार करते दिखे. इनमें कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह तो भाजपा की ओर से सीएम शिवराज सिंह चौहान व कैलाश विजयवर्गीय जैसे दिग्गज शामिल हैं. दिग्गजों की सुरक्षित मानी जाने वाली सीटों पर भी मुकाबला कड़ा है. ऐसे में उन्हें इन सीटों पर भी अभूतपूर्व चुनाव प्रचार करना बड़ा रहा है. Also Read - 2015 से था लापता, अब लाहौर की जेल से छूटकर घर पहुंचा अनिल...

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कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य में एक व्यापक राजनीतिक लड़ाई देखने को मिल रही है. 15 वर्षों की सत्ता विरोधी लहर के बाद भाजपा के लिए जीत हासिल करना आसान नहीं है और सत्ता में वापसी करने के लिए कांग्रेस के लिए करो या मरो की स्थिति है. Also Read - ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्‍य प्रदेश के सबसे बड़े भूमाफिया: पूर्व केंद्रीय मंत्री

गुना-शिवपुरी में सिंधिया

ग्वालियर राज घराने के राजा कहे जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना-शिवपुरी इलाके में अपनी बादशाहत कायम रखना चाहते हैं. तभी तो सिंधिया ने अपने इलाके में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए 40 से अधिक रैलियां की है. कांग्रेस नेता के एक करीबी सहयोगी ने कहा,‘‘हमें इस संसदीय सीट में आठ विधानसभा सीटों में से कम से कम छह सीटें जीतने की उम्मीद हैं. इस चुनाव को सिंधिया के व्यक्तिगत चुनाव अभियान के रूप में लिया जा रहा है.’’ 47 वर्षीय सिंधिया ने शिवपुरी में अपनी पार्टी के उम्मीदवार के लिए एक रोड शो भी किया. शिवपुरी को उनकी बुआ और राज्य में भाजपा मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया का गढ़ माना जाता है.

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राघोगढ़ में जमे दिग्विजय सिंह

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के गढ़ राघोगढ़ में उनके पुत्र जयवर्धन सिंह कांग्रेस के उम्मीदवार है और भाजपा ने भूपेन्द्र सिंह रघुवंशी को चुनाव मैदान में उतारा है. निकटवर्ती चाचौड़ा सीट पर कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह को टिकट दिया है जबकि भाजपा ने मौजूदा विधायक ममता मीणा को टिकट दिया है.

अपने परंपरागत गढ़ में भाजपा द्वारा सेंध लगाने के प्रयास की बात स्वीकार करते हुए लक्ष्मण सिंह ने कहा, ‘‘वे (भाजपा) कई वर्षों से प्रयास कर रहे है लेकिन कांग्रेस इन क्षेत्रों में बहुत अच्छा संगठन है. हमें राजगढ़ की सभी आठ विधानसभा सीटों में जीत की उम्मीद हैं.’’ राघोगढ़ और चाचौड़ा, राजगढ़ संसदीय सीट का हिस्सा है जिस पर इस समय भाजपा का कब्जा है.

कमलनाथ का गढ़ है छिंदवाड़ा

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य पार्टी के प्रमुख कमलनाथ अपने छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र के तहत सभी सात सीटें जीतने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं क्योंकि भाजपा ने ‘बहुत ही सावधानी’ से उम्मीदवारों को टिकट दिए है.

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इंदौर में विजयवर्गीय की परीक्षा

इंदौर में भाजपा ने उपाध्यक्ष कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश को एक सीट से चुनाव मैदान में उतारा है. हालांकि यह क्षेत्र विजयवर्गीय का एक मजबूत गढ़ माना जाता है लेकिन कांग्रेस ने अश्विन जोशी को टिकट देकर इस गढ़ में चुनौती दी है. जोशी ने 2003 में उस समय जीत दर्ज की थी जब अधिकतम सीटें भाजपा को मिली थी.

राज्य सचिवालय में एक वरिष्ठ नौकरशाह ने कहा,‘‘इस बार भाजपा और कांग्रेस के लिए हर सीट मायने रखती है. यह चुनावी लड़ाई उन परंपरागत गढ़ों तक पहुंच गई है जिस पर एक दूसरे के खिलाफ जीत दर्ज करने से न केवल बढ़त बनेगी बल्कि 2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मनोबल भी बढ़ेगा.’’

(इनपुट- भाषा)