भोपाल: मध्यप्रदेश में इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सोशल मीडिया पर युवा मतदाताओं को रिझाने में जुट गयी हैं. कांग्रेस के साइबर सेल के राजीव के सिपाहियों से मुकाबले के लिए बीजेपी ने करीब 65,000 साइबर योद्धा सोशल मीडिया में उतारे हैं. मध्यप्रदेश भाजपा के आईटी सेल प्रभारी शिवराज सिंह दाबी ने बताया कि पार्टी ने पिछले तीन महीने में करीब 65,000 साइबर योद्धाओं को तैनात किया है तथा जल्द ही और 5,000 लोगों को साइबर सेल से जोड़ेगी.

कांग्रेस की प्लानिंग 
वहीं, मध्यप्रदेश कांग्रेस आईटी सेल प्रभारी धर्मेंद्र बाजपेयी ने बताया कि कांग्रेस ने तकरीबन 4,000 राजीव के सिपाहियों की एक टीम बनाई है, ताकि भाजपा के सोशल मीडिया के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सके. इसके अलावा, पार्टी इस काम में और 5,000 लोगों को प्रशिक्षण देगी. पार्टी ने डिजिटल क्षेत्र में क्रांति लाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर अपने सोशल मीडिया में काम करने वाले इन लोगों को राजीव का सिपाही कहा है.

बाजपेयी ने कहा, हम 25 जून से प्रदेश में प्रशिक्षण सत्र शुरू करने जा रहे हैं. दोनों दलों के मीडिया प्रभारियों ने बताया कि वे मशहूर सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, ट्विटर एवं वाट्सऐप पर लोगों तक पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि वे विशेष रूप से वाट्सऐप पर जोर देंगे, क्योंकि इस पर बहुत ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं.

बीएसपी अकेले लड़ेगी चुनाव
वहीं राज्य में कांग्रेस-बीएसपी में गठबंधन की उड़ती खबरों के बीच बहुजन समाज पार्टी का कहना है कि मध्यप्रदेश में इस वर्ष नवम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ उसकी कोई बातचीत नहीं हो रही है. मध्यप्रदेश बीएसपी अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने कहा कि मुझे मीडिया से पता चला है कि कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बीएसपी के साथ गठबंधन के लिए कांग्रेस की बातचीत चल रही है. मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि इस गठबंधन के संबंध में राज्य स्तर पर हमारी कोई बातचीत नहीं हो रही है और जहां तक मुझे पता है केन्द्रीय स्तर पर भी नहीं हो रही है.

क्या कहना है कांग्रेस का
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के बारे में मुझे केन्द्रीय नेतृत्व से अब तक कोई दिशानिर्देश नहीं मिले हैं. अहिरवार ने बताया कि हम प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. यह हमारी आज की स्थिति है. इस बीच, मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख माणक अग्रवाल ने कहा कि गठबंधन करने के बारे में हमने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया. हमारी पार्टी ने सिर्फ इतना कहा है कि कांग्रेस समान विचार वाली पार्टियों से मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में गठबंधन करने का प्रयास करेगी. हमने कभी बीएसपी का नाम नहीं लिया.