नई दिल्ली/भापोल. मध्यप्रदेश में लगातार बगावत का सामना कर रही बीजेपी ने अब सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है. पार्टी ने उन 53 प्रत्याशियों को निष्कासित कर दिया है, जो पहले तो पार्टी के लिए सक्रिय थे लेकिन टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय मैदान में उतर गए हैं. बता दें कि बीजेपी ने उन्हें बुधवार को 3 बजे तक की मुहलत दी थी कि वे अपना नामांकन वापस ले लें. Also Read - Kerala Assembly Elections 2021: मेट्रो मैन श्रीधरन के बाद अब भाजपा में शामिल होंगी PT Usha, जानें क्या है भाजपा की मंशा

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, बीजेपी सभी 53 प्रत्याशियों को फिर से पार्टी में लाने के लिए प्रयास कर रही थी. इसके लिए पिछले कुछ दिनों में कई तरह से उनसे बातचीत हुई. इसके बाद भी वे बात नहीं माने तो उन्होंने चेतावनी दी गई कि बुधवार की दोपहर तक वे अपना नामांकन वापस नहीं लेते हैं तो उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्या से बाहर कर दिया जाएगा. Also Read - Rajasthan budget 2021-22 LIVE: CM गहलोत की बड़ी घोषणा, सभी महिलाओं को मिलेगी Free Sanitary Napkin

12 सीटों पर बागी
बता दें कि इनमें पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुस्मारिया और केएल अग्रवाल, तीन पू्र्व विधायक और एक पूर्व मेयर शामिल हैं जिनमें असंतोष पनपा हुआ था. वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस भी बगावत का सामना कर रही है. 12 सीटों पर बागी उम्मीदवार उसके लिए चिंता का विषय बने हुए हैं. ऐसे में उसने पूर्व विधायक जेवियर मेडा को निष्कासित कर दिया है. Also Read - Maharashtra HRC ने Pragya Singh Thakur को हिरासत में प्रताड़ना के मामले में DGP को किया तलब

दामोह सीट पर चिंता
बीजेपी के लिए सबसे चिंता का विषय दामोह सीट है. यहां से वित्तमंत्री जयंत मलइय्या चुने जाते रहे हैं. उन्होंने दामोहा और पड़ोसी सीट पठारिया दोनों से चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. बता दें कि राज्य में 28 नवंबर को चुनाव होने हैं और सभी पार्टी प्रचा के अंतिम चरणों में हैं.