नई दिल्‍ली: संसद में पारित नागरिकता संसोधन विधयेक को लेकर संसद में ही नहीं अब कांग्रेस पार्टी के शासित राज्‍य केंद्र से सीधा टकराव लेने का इरादा दिखा रहे हैं. बता देंं  पहले पंजाब और पश्चिम बंगाल की सरकारों ने भी कहा है कि वे नागरिकता संशोधन अधिनियम को अपने यहां लागू नहीं होने देंगे.

एक ओर जहां मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि नागरिकता संशोधन विधेयक पर कांग्रेस पार्टी ने जो भी स्‍टैंड लिया है, हम उसका पालन करेंगे. क्‍या हम उस प्रक्रिया का हिस्‍सा बनना चाहते हैं, जो विभाजन के बीज बोती है. उन्होंने कहा, ‘कोई भी ऐसा कानून जो समाज को बांटता है. उस पर कांग्रेस का जो रुख होगा वही रुख मध्यप्रदेश सरकार अपनाएगी.

कांग्रेस शासित दूसरे राज्‍य महाराष्‍ट्र कांग्रेस के नेताओं ने भी कुछ ऐसा ही कहा है. शिवसेना के साथ सत्‍ता में आई कांग्रेस के प्रदेश अध्‍यक्ष एवं ठाकरे सरकार में मंत्री की शपथ ले चुके बालासाहेब थोरात ने यह पूछे जाने पर कि क्‍या महाराष्‍ट्र नागरिकता संशोधन बिल को लागू करेगा तो उन्‍होंने कहा कि हम अपनी पार्टी की केंद्रीय लीडरशिप का अनुशरण करेंगे.

मध्यप्रदेश प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का तानाबाना ही सहिष्णुता और अनेकता में एकता है और इसी आधार पर देश आगे बढ़ सकता है. कमलनाथ यह भी कहा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति से ध्यान भटकाने के लिए नागरिकता संशोधन सरीखे विधेयक लाए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि देश का विमर्श स्वतः नहीं बदल रहा है, बल्कि इसे सुनियोजित ढंग से बदला जा रहा है.