ग्वालियर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश सरकार ने कथित रूप से मिलावटी दूध बेचने वाले ग्वालियर जिले के कारोबारी उम्मेद सिंह रावत (38) पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की है. उसे शनिवार सुबह गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. दूध उत्पादों में मिलावट के आरोप में मध्यप्रदेश में तीन दिन में यह दूसरे कारोबारी के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की गई है. इससे पहले एक अगस्त को उज्जैन जिले के श्री कृष्ण उद्योग और बेकरी के मालिक कीर्ति केलकर(41) को रासुका के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.Also Read - Son Chiraiya Brand: मप्र में शहरी स्व-सहायता समूह के उत्पाद को मिला 'सोन चिरैया ब्रांड' नाम

ग्वालियर के जिलाधिकारी अनुराग चौधरी ने बताया कि ग्वालियर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित मोहना के दूध कारोबारी उम्मेद सिंह रावत को मिलावटी दूध बेचने के मामले में रासुका के तहत गिरफ्तार कर शुक्रवार सुबह जेल भेज दिया गया. उन्होंने कहा कि पिछले महीने 24 और 25 जुलाई को उम्मेद सिंह की दुकान पर छापा मारा गया था और वहां से बहुत बड़ी मात्रा में मिलावटी दूध बरामद किया गया था. उसकी दुकान से कई प्रकार के घातक कैमिकल भी मिले थे, जिनसे मिलावटी दूध बनाया जा रहा था. चौधरी ने बताया कि करीब दो दिन पहले भी उम्मेद सिंह की दुकान पर कास्टिक सोडा से बना मिलावटी दूध मिला था, लेकिन तब उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई थी. Also Read - Ashram-3 की शूटिंग के दौरान फिल्‍म सेट पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने की तोड़फोड़, प्रकाश झा पर फेंकी स्‍याही

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ 19 जुलाई से समूचे प्रदेश में अभियान चला रही है. नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन रविन्द्र सिंह ने बताया कि इस अभियान में दो अगस्त तक विभिन्न खाद्य पदार्थों के 1608 नमूने लिये गये हैं. राज्य खाद्य प्रयोगशाला द्वारा नमूनों का विश्लेषण किया जा रहा है. प्रयोगशाला द्वारा दो अगस्त को ज़ारी की गई 43 नमूनों की जाँच रिपोर्ट में से छह नमूने नकली ब्रांड के, 6 नमूने अवमानक और 31 नमूने मानक के अनुरूप पाए गये. Also Read - Karwa Chauth Ka Chand Kab Niklega: जानिए आपके शहर में कब निकलेगा चांद: यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश के इन शहरों में इस समय निकलेगा करवा चौथ का चांद

इसी बीच, मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि दूध, फल, साग-सब्जी एवं अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले मिलावटखोरों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “खाने-पीने की चीजों में मिलावट करने वाले लोग या तो मध्यप्रदेश छोड़ दें या जेल की सलाखों के पीछे जाने को तैयार रहें. मिलावट रोकने के लिये हमने राज्य सरकार के संबंधित कानूनों में संशोधन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है जिसके तहत प्रावधानों को सख्त बनाया जायेगा.” सिलावट ने कहा कि इस मिलावट से लोगों को कैंसर, किडनी, ब्लडप्रेशर एवं मधुमेह की बीमारियां हो रही हैं.