जबलपुर: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले के चार आरोपियों को जबलपुर की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत के न्यायाधीश एसएस परमार ने चार-चार वर्ष कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है. सीबीआई के लोक अभियोजक पवन पाठक ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि व्यापमं द्वारा आयोजित वन रक्षक भर्ती परीक्षा में हुए घोटाले के चार आरोपियों- दीपक जाटव, भागीरथ, दीवान जाटव व लक्ष्मी नारायण को चार-चार वर्ष कैद और चार-चार हजार का अर्थदंड विशेष न्यायाधीश एस.एस. परमार की अदालत ने लगाया है. Also Read - मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से एक और मौत, प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 47 हुई

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बताया गया है कि मुरैना जिले के धनेला निवासी दीपक जाटव ने वन रक्षक पद के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था. इस आवेदन में शैक्षणिक योग्यता संबंधी दस्तावेज दीपक के थे, मगर फोटो व अंगूठा निशान लक्ष्मी नारायण का था. इस कूट रचना में भगीरथ व दीवान जाटव ने सहयोग किया था. तीन मार्च, 2013 की इस परीक्षा में दीपक का चयन भी हो गया. जब साक्षात्कार हुआ, तब यह मामला उजागर हुआ. Also Read - इंदौर में कोरोना वायरस से पांच और लोग हुए संक्रमित, राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 20 हुई 

व्यापमं घोटाला : आरोपी जीतेंद्र यादव की मौत की प्रारंभिक जांच शुरू

बता दें कि व्यापमं घोटाला मध्य प्रदेश का सबसे चर्चित घोटाला था. इस घोटाले के बाद इससे जुड़े कई लोगों की मौत की घटनाएं सामने आई थी. बता दें कि व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले के आरोपी राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे शैलेष यादव की भी मौत हो गई थी. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मौत को भी ‘अस्वाभाविक’ माना था.