नई दिल्ली: मंगलवार देर रात गुरुग्राम के मानेसर स्थित आईटीसी रिजॉट में मध्यप्रदेश के कांग्रेस ,निर्दलीय और सपा-बसपा के कई विधायकों को एकसाथ देखा गया. जैसे ही कांग्रेस को इस बात की जानकारी मिली वह अलर्ट हो गई और सभी विधायकों से संपर्क किया गया. मध्य प्रदेश के मंत्री जयवर्धन सिंह और जीतू पटवारी बहुजन समाज पार्टी की निलंबित विधायक रमाबाई के साथ गुरुग्राम के आईटीसी होटल से बाहर निकलते हुए देखा गया. इस बीच विधायकों और वहां मौजूद लोगों की आपस में बहस भी हुई. Also Read - भाजपा हिमाचल स्वास्थ्य विभाग में 'भ्रष्टाचार के पाप' से छुटकारा नहीं पा सकती : कांग्रेस

रिजॉट से अपने विधायकों को लेकर लौटे जयवर्धन सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह हमारे विधायकों को बड़ी रकम देकर खरीदने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि हम ने अपने सभी विधायकों को होटल से बाहर निकाल लिया है, अब कमलनाथ सरकार पर कोई खतरा नहीं है.

वहीं दिग्विजय सिंह ने भी बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा, ” बीजेपी के रामपाल सिंह, नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, संजय पाठक उन्हें पैसे देने वाले थे. अगर कोई छापा पड़ा होता तो वे पकड़े गए होते. हमें लगता है कि 10-11 विधायक थे. केवल 4 अब भी उनके साथ हैं, वे भी हमारे पास आएंगे.” बता दें कि मंगलवार को सुबह ही कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को गिराना चाहती है. दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि बीजेपी पैसे देकर विधायकों को खरीदना चाहती है. दिग्विजय सिंह ने दावा किया था कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी के एक अन्य वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा 25-35 करोड़ रुपये देकर कांग्रेस के विधायकों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं.