नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में राजनितिक उठापटक चरम पर है. कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने पार्टी छोड़ दी है. अब तक 22 विधायत पार्टी छोड़ने का ऐलान कर चुके हैं. ऐसे में ज्योतिरादित्य पर कांग्रेस निशाना साध रही है. राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने भी इस पूरे प्रकरण पर बयान दिया है. अशोक गहलोत ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर लोगों के भरोसे और विचारधारा के साथ विश्वासघात किया है. Also Read - मध्यप्रदेश में कोरोना से एक और व्यक्ति ने तोड़ा दम, राज्य में संक्रमितों की संख्या 155 हुई 

अशोक गहलोत ने ट्वीट किया, ‘राष्ट्रीय संकट के समय भाजपा के साथ हाथ मिलाना एक नेता की खुद की राजनीतिक आकांक्षा को दिखाता है. खासतौर पर उस समय जब भाजपा अर्थव्यवस्था, लोकतांत्रिक संस्थाओं, सामाजिक तानेबाने और न्याय पालिका को बर्बाद कर रही है.’ उन्होंने कहा, ‘सिंधिया ने जनता के विश्वास और विचारधारा के साथ विश्वासघात किया है. ऐसे लोग यह साबित करते हैं कि वे सत्ता के बगैर नहीं रह सकते. वो जितना जल्दी छोड़ दें बेहतर है.” Also Read - दिग्विजय सिंह अमर्यादित भाषा वाले आ रहे कॉल्‍स से हुए परेशान, बंद किया मोबाइल फोन

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वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को बरसों तक सींचा, लेकिन वह दूसरी पार्टी में चले गए. भाजपा द्वारा पेशकश किये गये कुछ प्रलोभन ने ज्योतिरादित्य को पार्टी बदलने के लिए प्रेरित किया.  राजनीतिक सुविधा, व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा ने ज्योतिरादित्य के फैसले में अहम भूमिका निभाई.

कांग्रेस प्रवक्ता शोभा ओझा ने सिंधिया पर निशाना साधते हुए कहा, ‘ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आज मिली “सच्ची आजादी” की बहुत-बहुत बधाई. आज अंचल के उन सभी कांग्रेसजनों के लिए “मुक्ति का पर्व” है, जिनके अधिकारों को अब तक “महल” और उसके चाटुकारों के निजी स्वार्थों की बलि चढ़ाया जा रहा था.’

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अब ये तय माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश में बीजेपी सत्ता में आएगी. सिंधिया के समर्थन वाले विधायक बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया का जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है. सिंधिया कांग्रेस के अहम नेताओं में थे, लेकिन वह मध्य प्रदेश में काफी समय से अलग-थलग महसूस कर रहे थे. सिंधिया का ये दर्द सोनिया गांधी को भेजे गए इस्तीफे में दिखा.